फर्रुखाबाद। शटरिंग का काम शुरू कराने के नाम पर बैंक से 10 लाख का ऋण दिलाने के बदले की गई धोखाधड़ी के मामले में कोर्ट के आदेश पर पंजाब नेशनल बैंक के पूर्व प्रबंध, कथित फील्ड ऑफिसर समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़ित के खाते से 56 हजार रुपये निकाले गए। कथित फर्म स्वामी 8.03 लाख का चेक भी ले गया। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
कादरीगेट थाने के गांव चांदपुर निवासी राकेश कुमार ने मऊदरवाजा थाने के गांव नगला समाधान निवासी राजेंद्र यादव, अनमोल यादव, नेहरू रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक के कथित फील्ड ऑफिसर जोगेंद्र यादव और तत्कालीन शाखा प्रबंधक रिंकू सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया।
राकेश ने कहा कि 11 अगस्त 2022 को अमेठी जदीद के तैयब अली ने राजेंद्र यादव से मुलाकात करवाई। राजेंद्र ने बैंक प्रबंधक और फील्ड ऑफिसर से लोन दिलवाने का भरोसा दिया। शटरिंग के काम के लिए 10 लाख रुपये का लोन कराने के लिए पत्रावली तैयार कराई।
उद्योग केंद्र से पास करवाने के बाद थोक का काम करने वाले राजेंद्र ने साढ़ू जगदीश यादव की फर्म बताकर कोटेशन लगवाने की बात कही। बैंक में दो खाते खोलकर प्रोसेसिंग फीस के 12,750 और मार्जिन मनी के 43,2500 रुपये जमा करवा लिए। पांच सितंबर 2022 को बैंक प्रबंधक व जोगेंद्र यादव ने मिलकर 56 हजार रुपये निकाल लिए। राकेश ऋण की जानकारी करने बैंक पहुंचा, तो शाखा प्रबंधक व जोगेंद्र यादव ने बताया कि 8,03,250 रुपये का चेक अनमोल यादव को दे दिया गया है।
बिना सामान की प्राप्ति के ही चेक दे देने की बात बताने पर बहानेबाजी करने लगे। कई बार कहने पर भी शटरिंग का सामान नहीं दिया गया। जानकारी करने पर पता चला कि अनमोल यादव की कादरीगेट पर कोई फर्म ही नहीं है। इससे उनके साथ जालसाजी कर धोखाधड़ी कर ली गई है। अब बैंक प्रबंधक जबरन ऋण जमा करने का दबाव बना रहे हैं। उन्होंने मजबूरन दबाव में कुछ किस्तें भी जमा की हैं। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।