कंपिल। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रात में न तो मरीजों के रुकने की कोई व्यवस्था है और न ही प्रसव की। स्टाफ की कमी के चलते मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। एक्सरे टेक्रीशियन की तैनाती न होने से एक्सरे के लिए मरीजों को बाहर जाना पड़ता है। स्टाफ की कमी के चलते शाम 4 बजे अस्पताल बंद कर दिया जाता है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ की कमी के चलते इमरजेंसी बंद रहती है। सुबह 10 बजे अस्पताल खुलता है और शाम 4 बजे बंद हो जाता है। इसके चलते शाम को मरीजों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का लाभ नहीं मिल पाता है। अस्पताल में महिला चिकित्सक की तैनाती न होने के चलते प्रसूताओं को सीएचसी रेफर कर दिया जाता है।
एक्सरे टेक्रीशियन की तैनाती न होने से एक्सरे कक्ष में ताला लटका रहता है। इसके चलते लाखों की लागत की एक्सरे मशीन धूल फांक रही है। मरीजों को एक्सरे के लिए या तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कायमगंज या फिर लोहिया अस्पताल जाना पड़ता है। पैथालॉजी लैब में टेक्रीशियन शिवम राजपूत की तैनाती है। इसके अलावा संविदा चिकित्सक डा. सुनील वर्मा, स्टाफ नर्स ज्योत्सना, फार्मासिस्ट कमलेश, अमरेश, काउंसलर अमित कुमार, एएनएम रिंकी देवी, संविदा फार्मासिस्ट रामबाबू की तैनाती है।
महिला चिकित्सक और वार्ड ब्वाय समेत कई स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती न होने के चलते इमरजेंसी सेवाएं बंद रहती हैं। अस्पताल में एक ही सफाईकर्मी रामचंद्र की तैनाती होने के चलते उसके छुट्टी में चले जाने पर अस्पताल परिसर में गंदगी फैली रहती है।
चिकित्सा प्रभारी डा. पीएस विमल ने बताया कि स्टाफ की कमी के चलते चिकित्सीय सुविधाओं में दिक्कत आती है। महिला चिकित्सक के न होने से प्रसूताओं को रेफर कर दिया जाता है। एक्सरे टेक्रीशियन की भी तैनाती नहीं है। स्टाफ की कमी के चलते ही इमरजेंसी सेवाएं बंद रहती हैं और अस्पताल शाम को बंद करना पड़ता है। कई बार स्टाफ की मांग की जा चुकी है।