12 हजार लेकर इलाज किया, बाहर ले जाने की बात कहकर छुट्टी कर दी
दोपहर पौन बजे मऊदरवाजा के मोहल्ला ढुइया निवासी बबलू अपने पुत्र किशन उर्फ रोहन (4) को लोहिया अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। बबलू ने बताया कि उल्टी-दस्त होने पर आवास विकास के निजी अस्पताल ले गए थे। वहां 12 हजार रुपये लेकर इलाज किया। अभी बाहर ले जाने की बात कहकर छुट्टी कर दी। बच्चों के परिजनों में चीख-पुकार मची रही।
सीवियर डायरिया के शिकार होते बच्चे, तुरंत मिले इलाज
लोहिया जिला अस्पताल के बालरोग विशेषज्ञ डॉ. विवेक सक्सेना कहते हैं कि बच्चे के बीमार होने पर सीधे सरकारी अस्पताल ले जाएं। झोलाछापों के चक्कर में न आएं। बारिश का डायरिया गंभीर होता है। माइल्ड व एवरेज की बजाय इन दिनों बच्चे सीधे सीवियर डायरिया के शिकार होते हैं। ऐसे में बच्चों को आयु के हिसाब से इंजेक्शन और फ्लूड दिया जाता है।
खानपान का भी रखें ध्यान
अप्रशिक्षित यहीं पर चूक कर देते हैं। उल्टी-दस्त होते ही घर में ओआरएस, इलेक्ट्रॉल देना शुरू कर दें। बोतल की बजाय कटोरी-चम्मच से दूध पिलाने और हैंडपंप का पानी गर्म करने के बाद ठंडा करके पिलाने से बीमारी नहीं होगी। सात साल से ऊपर के बच्चों को केला, दलिया, दाल देते रहने से पानी की पूर्ति होती है।