फर्रुखाबाद। सिपाही के पुत्र की नौकरी के नाम पर रुपये लेने के मामले में सपा के पूर्व विधायक विजय सिंह को हाईकोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया है। एमपीएमएलए कोर्ट ने पूर्व विधायक को सात माह पहले तीन वर्ष की सजा सुनाई थी। आठ लाख रुपये अर्थदंड जमा करने के आदेश दिए थे। पूर्व विधायक भाजपा के पूर्व मंत्री ब्रह्मदत्त द्विवेदी हत्याकांड में बांदा जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।
जनपद मैनपुरी के आश्रम रोड बालाजीपुरम निवासी बृजेंद्र सिंह तोमर फतेहगढ़ कोतवाली में सिपाही (चालक) था। वह सिविल लाइन मोहल्ले में किराये के मकान में रहते थे। 26 जून 2014 को बृजेंद्र सिंह की गोली लगने से मौत हो गई थी। पुत्र राहुल तोमर ने अज्ञात के खिलाफ पिता की हत्या कर जेवर लूटने का मुकदमा दर्ज कराया था।
विवेचक ने 22 अप्रैल 2019 को शहर कोतवाली के मोहल्ला नाला मछरट्टा निवासी पूर्व विधायक विजय सिंह को के खिलाफ सिपाही को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी।
पूर्व विधायक विजय सिंह भाजपा के कद्दावर पूर्व मंत्री ब्रह्मदत्त द्विवेदी हत्याकांड में बांदा जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे है। 30 मई को एमपीएमएल कोर्ट ने पूर्व विधायक विजय सिंह को सिपाही बृजेंद्र सिंह के पुत्र की नौकरी लगवाने के नाम पर रुपये लेने के मामले में दोषी करार देकर तीन वर्ष की सजा सुनाई। आठ लाख रुपये अर्थदंड के रूप में जमा करने के आदेश दिए थे।
पूर्व विधायक विजय सिंह की ओर से सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की गई। हाईकोर्ट ने निचली अदालत की तीन वर्ष की सजा व आठ लाख के अर्थदंड को अपास्त कर दिया। हाईकोर्ट के आदेश पर बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश एंटी डकैती कृष्ण कुमार ने जेल अधीक्षक बांदा को आदेश जारी कर दिया। विजय सिंह के वकील जितेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि हाईकोर्ट ने सजा को अपास्त कर दिया है।