फर्रुखाबाद। सिपाही को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में पूर्व विधायक विजय सिंह के वकील ने जिरह कर अपना पक्ष रखा। कोर्ट ने सुनवाई के लिए 23 दिसंबर की तारीख तय की है।
फतेहगढ़ कोतवाली में तैनात सिपाही बृजेंद्र सिंह तोमर वर्ष 2014 में सिविल लाइन स्थित आवास में गोली लगने से मृत अवस्था में मिले थे। पुत्र राहुल ने अज्ञात के खिलाफ पिता की हत्या कर सोने के जेवर लूटने का मुकदमा दर्ज कराया था।
विवेचक ने शहर कोतवाली के मोहल्ला नाला मछरट्टा निवासी पूर्व विधायक विजय सिंह के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर सिपाही बृजेंद्र सिंह को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया था।
पूर्व विधायक विजय सिंह भाजपा के तत्कालीन मंत्री ब्रह्मदत्त द्विवेदी हत्याकांड में आजीवन कारावास में बांदा जेल में बंद है।
एमपीएमएलए कोर्ट में विजय सिंह के खिलाफ चले रहे मुकदमे में गवाही पूरी हो चुकी है। उनके वकील जितेंद्र सिंह चौहान ने बुधवार को जिरह कर अपना पक्ष रखा। कोर्ट ने सुनवाई के लिए 23 दिसंबर की तारीख नियत की है।
शहर कोतवाली पुलिस ने वर्ष 1992 में पूर्व विधायक विजय सिंह सहित दो लोगों के खिलाफ मुठभेड़ का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे में गवाही के लिए तत्कालीन दरोगा राम प्रताप सिंह को कोर्ट ने कई बार गवाही के लिए तलब किया, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए।
बुधवार को कोर्ट ने दरोगा राम प्रताप सिंह के खिलाफ गैर जमानतीय वारंट जारी कर 23 दिसंबर की तारीख तय की है।