फर्रुखाबाद। राज्य सड़क परिवहन निगम पर इस वक्त दोतरफा मार पड़ी है। एक तो सहालग खत्म हो गई और दूसरे घने कोहरे से भी पहिये थमने लगे हैं। यात्री भी काफी कम संख्या में निकल रहे हैं। इसी वजह से लगभग पांच लाख रुपये रोज का नुकसान हो रहा है।
रोडवेज को सबसे अधिक आय देने वाला दिल्ली रूट है। इस पर 30 से 40 बसें रोज भेजी जाती थीं। इस वक्त कड़ाके की ठंड और सहालग खत्म होने से काफी कम सवारियां निकल रही हैं। इससे अब 28 से 30 बसें ही दिल्ली भेजी जा रही हैं।
हालात ऐसे हैं कि किलोमीटर का लक्ष्य भी दिनोंदिन गिरता जा रहा है। रोडवेज को 20 नवंबर को 18 लाख रुपये की आमदनी हुई थी, जबकि 20 दिसंबर को साढ़े 13 लाख रुपये की आय हुई है। इस तरह रोडवेज को रोज लगभग पांच लाख रुपये का नुकसान हो रहा है।
एआरएम आरसी यादव ने बताया, ठंड और सहालग खत्म होने का रोडवेज पर बुरा असर पड़ा है। उन्होंने चालकों को सुरक्षित गाड़ी चलाने के निर्देश दिए हैं। 40 की स्पीड से ही बस चलाने को कहा है। कहा कि घने कोहरे में दिखाई न दे, तो बस खड़ी कर दी जाए। जब रोड दिखे, तभी चलाया जाए।