ढाईघाट पर बनाए जा रहे स्थायी पुल के निर्माण में बाढ़ बाधा बनेगी। इसके
चलते निर्धारित समय में यह पुल बनता नजर नहीं आ रहा है। पुल का निर्माण
कार्य भी काफी धीमी गति से चल रहा है। छह माह में अभी तक मात्र तीन कुओं का
ही निर्माण कार्य पूरा हो सका है। 11 कुओं पर निर्माण कार्य चल रहा है।
वहीं बाढ़ के अंदेशे में करीब पखवारे भर बाद पुल का निर्माण कार्य भी बंद
हो जाएगा।
ढाईघाट पर करीब एक किलोमीटर तक स्थायी पुल का निर्माण कार्य
कार्यदायी संस्था सेतु निगम करवा रहा है। सेतु निगम करीब 45 करोड़ की लागत
से पुल पर 34 कुएं और पीडब्लूडी करीब 14 करोड़ की लागत से सड़क का निर्माण
कार्य करवाएगा। सेतु निगम ने नवंबर माह वर्ष 2014 से पहले चरण में 34 कुओं
का निर्माण कार्य करवाना शुरू कर दिया है। दिसंबर 2016 में पुल बनकर तैयार
करने की अवधि निर्धारित है। सेतु निगम के एई आरके दीक्षित और जेई दशरथ पाल
की देखरेख में काम चल रहा है लेकिन जिस गति से निर्माण चल रहा है, उससे
लगता है कि वर्ष 2017 तक भी पुल बनकर तैयार नहीं हो सकेगा। अभी तक
मात्र 14 कुओं का ही निर्माण कार्य शुरू हो सका है। इनमें से मात्र तीन
कुएं ही पूरे बनकर तैयार हुए है। अन्य कुओं का कार्य बाकी है। निर्माण
कार्य में राजमिस्त्री समेत करीब 100 मजदूर लगे हैं। निर्धारित अवधि
में
पुल के निर्माण कार्य पूरा होने में बाढ़ भी बाधक बनेगी। बाढ़ के अंदेशे के
चलते 15 से 20 जून के बीच में पुल का निर्माण कार्य बंद करवा दिया जाएगा।
सितंबर तक काम बंद रहेगा। हालांकि बाढ़ न आई तो काम चालू रहेगा। जिस
रफ्तार से काम चल रहा, उससे साफ है कि निर्धारित अवधि में किसी भी कीमत पर
पुल का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सकेगा।
निर्धारित अवधि में नहीं होगा कार्य पूरा
ढाईघाट
पुल पर 14 कुओं का निर्माण कार्य सितंबर 2015 तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद
इन कुओं के ऊपर सड़क बनवाना शुरू करेंगे। साथ ही अन्य कुओं का निर्माण
कार्य भी शुरू किया जाएगा। ढाईघाट से कासिमपुर कटरी तक बन रहे करीब एक
किलोमीटर स्थायी पुल का निर्माण कार्य निर्धारित अवधि तक पूरा नहीं हो
सकेगा। ऐसा इसलिए है कि बरसात में बाढ़ आने से तीन-तीन माह तक काम बंद करना
पड़ेगा।
-आरके दीक्षित, एई सेतु निगम