गांव हरसिंहपुर कायस्थ में मकान तोड़ते ग्रामीण। संवाद
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फर्रुखाबाद। विधि का विधान देखिए, अपना और बच्चों का पेट काटकर बनाए गए आशियानों पर ग्रामीण खुद ही हथौड़ा चला रहे हैं। कटान इस कदर बढ़ी कि गंगा गांवों के किनारे पहुंच गई। गंगा में समाने के डर से ग्रामीण पक्के मकानों को तोड़कर मलबा ऊंचे स्थानों पर सुरक्षित कर रहे हैं। गृहस्थी का सामान खुले आसमान के नीचे रखा है।
अमृतपुर प्रतिनिधि के अनुसार गंगा व रामगंगा का पानी दर्जनों गांवों में भरा था। पानी जैसे ही कम हुआ, गांवों में तबाही आ गई। गंगा के किनारे हरसिंहपुर कायस्थ, उगरपुर में कटान तेजी से हो रही है। हरसिंहपुर कायस्थ के सुधीर कुमार, रामचरण, रामभजन, मिजाजी लाल, सुनील कुमार, राजीव कुमार ने पक्के मकान तोड़ दिए। हरीराम, तकदीर, गबदू, सर्वेश, अखिलेश, रसाल आदि के मकान कटान के मुहाने पर हैं। यदि तेजी से कटान हुई, तो इनके मकान भी गंगा की धार में समा जाएंगे।
शमसाबाद प्रतिनिधि के अनुसार समैचीपुर निवासी आकिल का मकान पक्का बना था। गंगा की धार से मकान की मिट्टी कटने लगी। उन्होंने भयभीत होकर मकान को तोड़ना शुरू कर दिया। वहीं शाकिर भी अपने मकान से सामान निकालकर खुले आसमान के नीचे रख दिया है। उन्होंने भी मकान पर हथौड़ा चलाना शुरू कर दिया है। बताया कि गंगा के तेज कटान से नींद खराब हो रही है।