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हवा में उड़ गया ‘नो एक्सीडेंट डे’ का फरमान

Sat, 09 Jan 2016 12:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो फर्रुखाबाद
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शुक्रवार का दिन ‘नो एक्सीडेंट डे’ के रूप में मनाया जाना था, पर यह आला अफसरों के मेज तक ही सीमित रह गया। इस संबंध में न तो ट्रैफिक पुलिस की ओर से कोई अभियान चलाया गया और न ही विद्यालयों में बच्चों को सड़क पार करने और चलने का तरीका बताया गया।
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वहीं, इस बाबत स्कूलों व कुछ अन्य सरकारी दफ्तरों में अफसरों से पूछा गया तो ज्यादातर का जवाब यही था कि उन्हें इसके बारे में जानकारी नहीं है।शासन ने लोगों को दुर्घटनाओं से होने वाली जनहानि से बचाने के लिए 8 जनवरी को ‘नो एक्सीडेंट डे’ मनाए जाने का फरमान दिया था।



 सड़क पर बढ़ती दुर्घटनाओं को मद्देनजर परिवहन आयुक्त की अध्यक्षता में  5 जनवरी को हुई बैठक में लोगों को सड़क के नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाने का एजेंडा बनाया गया था। इसके तहत निर्देश दिए गए थे कि 8 जनवरी को ‘नो एक्सीडेंट डे’ के रूप में मनाया जाए।
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 पत्र में ट्रैफिक पुलिस को निर्देशित किया गया था कि इस दिन सड़क पर लोगों को दुर्घटनाओं से होने वाली जनहानि के प्रति जागरूक किया जाए। साथ ही शिक्षा विभाग को भी इस संबंध में छात्र-छात्राओं को जागरूक करने पर बल दिया गया था।



शुक्रवार को इस आदेश की हकीकत ‘अमर उजाला’ ने परखी तो न तो कोई ट्रैफिक पुलिस और ना ही सहायक संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी सड़क पर दिखे। विद्यालयों में भी बच्चों को ‘नो एक्सीडेंट डे’ के बारे में बताया गया।



विकास खंड शमसाबाद के प्राथमिक विद्यालय कुइंयाधीर की प्रधानाध्यापिका नेहाप्रिया, प्राथमिक विद्यालय पसियापुर के प्रधानाध्यापक अभिषेक ओमर और ब्लाक राजेपुर के प्र्राथमिक विद्यालय अलाहपुर के प्रधानाध्यापक बालकराम और प्राथमिक विद्यालय आसमपुर के इंचार्ज प्रधानाध्यापक रामकुमार ने बताया कि उन्हें ‘नो एक्सीडेंट डे’ की जानकारी नहीं है।



इस संबंध में जब संबंधित विभागों के अफसरों से जानकारी ली गई तो सभी ने एक सा ही जवाब दिया कि उन्हें ‘नो एक्सीडेंट डे’ के बारे में कोई जानकारी नहीं है। शासन ने 10 से 16 जनवरी तक ‘नो एक्सीडेंट वीक’ मनाने के भी निर्देश दिए हैं। इस पर कितना अमल होगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा लेकिन शासन के आदेश हवा में कैसे उड़ाए जाते हैं। उसकी बानगी देखने को मिली।
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