फर्रुखाबाद के पास कासगंज के गांव ककराला दरियावगंज निवासी नर्सरी के छात्र की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। शव कायमगंज थाना क्षेत्र के गांव रुटौल के पास शनिवार सुबह आम के बाग में मिला। हत्यारों ने पहचान छिपाने के लिए चेहरा जला दिया था।
पुलिस को शव से कुछ दूरी पर कपड़े, जैकेट व एक बोरा पड़ा मिला। बोरे पर दो लोगों के नाम लिखे हैं, जो कायमगंज के ही एक गांव के रहने वाले हैं। पुलिस को इन पर भी शक है। पिता ने कपड़ों से शिनाख्त करने के बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण व हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। बालक 11 जनवरी से लापता था। शनिवार सुबह करीब 10 बजे कायमगंज-अलीगंज मार्ग स्थित रुटौल से मदारपुर जाने वाली रोड पर सुभाषचंद्र मिश्रा निवासी रुटौल के आम के बाग में राहगीरों को करीब पांच साल के बच्चे का शव पड़ा मिला। सूचना पर बाग मालिक सुभाषचंद्र मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। पुलिस को घटनास्थल पर पत्तियां जली मिलीं। इससे आशंका है कि शव को बाग में ही जलाने का प्रयास किया गया। कुछ दूरी पर मृतक का स्वेटर, जूता व शर्ट मिली। पास में ही एक बोरी पड़ी थी, जिसमें च्योलारा गांव के दो लोगों के नाम लिखे थे। छात्र गर्म बनियान पहने था। उसका पायजामा आधा उतरा था।
शिनाख्त न होने पर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसी बीच कोतवाली पहुंचे सुभाष शर्मा निवासी दरियावगंज जनपद कासगंज ने बच्चे की शिनाख्त बेटे आशीष उर्फ अंशू के रूप में की। सुभाष शर्मा ने बताया कि 11 जनवरी को आशीष घर के बाहर खेल रहा था, तभी लापता हो गया।
इसकी सूचना वहां की चौकी में दी थी। उनकी किसी से रंजिश नहीं है। कोतवाली पुलिस ने कासगंज पुलिस को घटना की जानकारी दी है। पिता ने बताया कि पुत्र आशीष कासगंज स्थित एक प्राइवेट स्कूल में केजी में पढ़ता था।