फर्रुखाबाद। घनी आबादी में संचालित अवैध पटाखा फैक्टरी संचालन के आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने मामले में पांच आतिशबाजों के साथ लोधी महासभा के जिलाध्यक्ष पर भी विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। पकड़े गए लोगों के पास से 164 किलो बारूद के पटाखे बरामद किए गए हैं।
मऊदरवाजा थाना प्रभारी निरीक्षक कामता प्रसाद ने एसओजी प्रभारी सचिन चौधरी, सर्विलांस प्रभारी विशेष कुमार ने मंगलवार को मोहल्ला शमशेर खानी निवासी लोधी महासभा के जिलाध्यक्ष पूर्व सभासद पुरुषोत्तम वर्मा के निर्माणाधीन गेस्ट हाउस व भतीजे रवि व ऋषि के घर में दबिश देकर अवैध रूप से चल रही अवैध पटाखा फैक्टरी को पकड़ लिया था।
पुलिस ने मौके पर मोहल्ला बजरिया निहाल चंद निवासी रिहान, मोहल्ला कटरा बख्शी निवासी हिमांशु, हैवतपुर गढि़या निवासी सोनू व भतीजे रवि, ऋषि को पकड़ लिया। इन लोगों के पास से पुलिस की टीम ने 164 किलो बारूद व उससे बने पटाखे बरामद किए गए।
पुलिस ने पूर्व सभासद पुरुषोत्तम वर्मा, भतीजे रवि, ऋषि, रिहान, सोनू, हिमांशु के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम मेंं मुकदमा दर्ज कर लिया। बुधवार को पुलिस लाइन के सभागार में एएसपी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि अवैध पटाखा फैक्टरी में काम कर रहे नौ लोगों को पुलिस ने पकड़ा था। इसमें चार किशोर थे। उनको श्रम अधिकारी की मौजूदगी में लिखपढ़ी के बाद परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है।
पूर्व सभासद सहित छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पूछताछ में पता चला कि इन लोगों ने एक पखवाड़ा पहले आतिशबाजी बनाने का काम शुरू किया। यह लोग जनपद मैनपुरी के थाना बेवर क्षेत्र के बारूद लेकर आए थे। पकड़े गए लोगों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा जा रहा है। पूर्व सभासद भी अवैध पटाखा फैक्टरी के व्यापार में शामिल थे। उनकी तलाश की जा रही है।
इनसेट
बारूद के ढेर पर शहर, पुलिस बनी हुई अंजान
मोहम्मदाबाद, फतेहगढ़ व मेरापुर में हुए हादसों से भी नहीं लिया सबक
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। बारूद के ढेर पर शहर सुलग रहा है और पुलिस व प्रशासन के अधिकारी अंजान बने हुए है। पूर्व में मोहम्मदाबाद, फतेहगढ़ व मेरापुर में पटाखों से हुए विस्फोट से भी सबक नहीं लिया गया है। ऐसे में कभी भी हादसा होने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
जनपद में थोक में पटाखा बेचने के दस दुकानें हैं। पटाखा बनाने के लिए 11 लोगों के पास लाइसेंस हैं। पटाखा बनाने वाले आतिशबाज गांव के दूर कोठरी में इसे बनाने का काम करते हैं। थोक में पटाखा बेचने वाले दुकानदारों की ज्यादातर दुकानें शहर की घनी बस्तियों के पास ही हैं। बीते सप्ताह पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी दुकानों का निरीक्षण कर दुकानदारों को गोदाम में बिजली की लाइन सही रखने के निर्देश दिए।
दुकान में बिजली की हल्की रोशनी में पटाखें बेचने के लिए कहा है। पटाखा बनाने वालों के यहां बारूद के स्टॉक का निरीक्षण किया गया। उनको भी गाइड लाइन का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
सूत्रों की माने तो शहर के बाजार लिंजीगंज, मन्नीगंज सहित घुमना बाजार में तीन व्यापारी, अवैध पटाखों का भंडारण किए हुए हैं। इस मामले में सटीक सूचना पर अग्निशमन अधिकारी छापा मारा, लेकिन सूचना लीक होने से पहले ही व्यापारियों ने आतिशबाजी को ठिकाने लगा दिया।
हादसों से बेखबर नहीं है शहर
कई वर्ष पहले मोहम्मदाबाद के गांव खिमसेपुर में अवैध पटाखा फैक्टरी में धमाका होने पर सात लोगों की जान चली गई थी। फतेहगढ़ के मोहल्ला हाथीखाना में अवैध रूप से भंडारित किए गए पटाखों में धमाके से एक युवक की जान चली गई और हादसे में मकान भी क्षतिग्रस्त हो गया था। दो वर्ष पहले मेरापुर में भी अवैध पटाखों से हुए धमाके में एक की जान चली गई थी। उसके बाद भी किसी ने सबक नहीं लिया। कागजों में पुलिस के बीट सिपाही से लेकर चौकी इंचार्ज व एसओ प्रतिदिन निरीक्षण कर व्यवस्था दुरूस्त होने का दावा कर रहे हैं।
क्या कहते हैं जिम्मेदार :
अवैध पटाखा फैक्टरी संचालित होने के मामले में लोकल पुलिस को जानकारी रहती हैै। सूचना मिलने पर मौके पर जाकर जांच की जाती है। कुछ दिन पहले लिंजीगंज व मन्नीगंज, घुमना में तीन व्यापारियों के यहां पटाखा भंडारित किए जाने की सूचना परछापा मारा था। हालांकि सूचना लीक हो जाने से कुछ हाथ नहीं लगा था।
- विजय प्रकाश त्रिपाठी मुख्य अग्निशमन अधिकारी