फर्रुखाबाद। टप्पेबाजों ने व्यापारी भाइयों की कार से पांच लाख रुपये के जेवर व नकदी रखे तीन बैग पार कर दिए। टप्पेबाजों ने कार के बोनट पर डीजल फेंककर उसमें आग लगने का झांसा दिया था।
पुलिस ने मुख्य मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगालकर टप्पेबाजों की पहचान करने का प्रयास शुरू किया है।
शहर कोतवाली के मोहल्ला नीबाचुअत निवासी जितेंद्र की नीबकरोरी में सराफ व भाई सुधीर वर्मा की खाद की दुकान है। मंगलवार सुबह दोनों भाई कार से दुकान जाने के लिए निकले। कार में पीछे की सीट पर तीन बैग रखे थे।
जिनमें डेढ़ लाख रुपये व साढ़े तीन लाख के सोने-चांदी के जेवरात थे। हिंदुस्तान होटल के सामने कार का पहिया पंक्चर हो गया। आवास विकास तिराहे के पास जितेंद्र ने कार रोक कर स्टेपनी लगवाई और पहिया का पंक्चर जुड़वाया।
तभी दो टप्पेबाज युवकों ने कार के बोनट पर डीजल फेंक दिया। इससे अंजान दोनों भाई दुकान जाने के लिए चल दिए। वह नेकपुर ओवर ब्रिज के पास पहुंचे, तभी पीछे से एक बाइक पर सवार दोनों टप्पेबाज युवकों ने कार को रुकवाकर बोनट से धुआं निकलने की बात बताई।
जितेंद्र व सुधीर कार खड़ी करके उतरे और बोनट खोलकर देखने लगे। तभी टप्पेबाज कार से तीनों बैग लेकर बाइक से भाग गए। जितेंद्र व सुधीर को इसकी भनक नहीं लगी।
दोनों भाई नीबकरोरी स्थित अपनी दुकान पर पहुंचे तब सीट से तीनों बैग गायब देखकर उनके होश उड़ गए। दोनों भाई वापस पंक्चर की दुकान पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।
आवास विकास चौकी इंचार्ज मौके पर पहुंचे और आसपास की दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरे देखे। इसके बाद फतेहगढ़ कोतवाली के इंस्पेक्टर कमलेश कुमार नेकपुर ओवर ब्रिज के पास पहुंचे।
वहां शोरूम पर लगे सीसीटीवी कैमरे देखकर टप्पेबाजों की पहचान करने का प्रयास किया। सीओ सिटी प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि टप्पेबाजी की घटना हुई है।
खुलासे के लिए टीमों का लगाया गया है। मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
30 लाख की टप्पेबाजी का भी खुलासा नहीं
टप्पेबाज पुलिस को लगातार चुनौती दे रहे हैं। 9 अक्तूबर को टप्पेबाज फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नवदिया नई बस्ती निवासी पापर्टी डीलर रामशरण पाल की कार से आईसीआईसीआई बैँंक के बाहर से 30 लाख रुपये से भरा बैग लेकर चले गए थे। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। टप्पेबाजों के फुटेज सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गए थे, लेकिन पुलिस व एसओजी अभी तक टप्पेबाजों के बारे में कोई सुराग नहीं लगा सकी है।