फर्रुखाबाद। विशेष न्यायालय ईसीएक्ट के न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह ने 35 साल पूर्व हुए जान लेवा हमले के मुकदमे में दोषसिद्ध एक पक्ष के दो और दूसरे पक्ष के तीन लोगों को सात साल की सजा सुनाई है। 50-50 हजार रुपये जुर्माना किया है।
कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला काजम खां निवासी अख्तर हुसैन और तजम्मुल हुसैन खां में पेड़ काटने को लेकर नौ अक्तूबर 1987 को विवाद हो गया था।
दोनों ओर से फायरिंग हुई। इसमें अख्तर हुसैन और तजम्मुल हुसैन खां गोली लगने से घायल हो गए थे। घायल अख्तर ने तजम्मुल हुसैन, इक्तेदार हुसैन उर्फ भइया, सफदर हुसैन व जिदा हुसैन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
तजम्मुल हुसैन खां ने अख्तर हुसैन, जाफर हुसैन, शाइस्ता हुसैन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विवेचक ने जांच कर दोनों मुकदमों में आरोप पत्र दाखिल किया। सफदर हुसैन व जिदा हुसैन की मुकदमा सुनवाई के दौरान मौत हो गई।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कृष्ण कुमार पांडेय, भानु प्रकाश मिश्र, संजीव कुमार मिश्र, अखिलेश कुमार राजपूत ने दलीलें पेश कीं।
सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने दोनों मुकदमों के पांच लोगों को दोषी करार दिया था। गुरुवार को पांचों लोगों को सजा और जुर्माने से दंडित किया गया।