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अग्निकांड में बालिका की मौत, कई जानवर झुलसे

Fri, 08 May 2015 11:32 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
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कंपिल थाना क्षेत्र के गंगपुर शाहपुर गांव में शुक्रवार दोपहर बाद लगी भीषण आग में झुलसने से बालिका की मौत हो गई, जबकि दो महिलाओं सहित कई लोग झुलस गए हैं। कई जानवर भी झुलस गए, जिसमें शाम को दो की मौत हो गई। इस अग्निकांड में लाखों का नुकसान हुआ है। करीब 50 परिवार पूरी तरह से तबाह हो गए हैं।  
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गांव गंगपुर शाहपुर निवासी मुनीश कुमार की झोपड़ी के पास ही घूरा है। उसमें किसी ने चूल्हे की राख डाल दी थी। राख में मौजूद चिंगारी से उसकी झोपड़ी में आग लग गई। हवा का झोंका होने की वजह से एक के बाद एक झोपड़ियां जलने लगी। चीख पुकार सुन आसपास के गांवों के लोग जुट गए। झोपड़ी में सो रही मुनीश की पुत्री पूजा (4), बबली और चार माह का बेटा

रवि झुलस गए। कुछ देर बाद पूजा ने दम तोड़ दिया। आग की लपटें बढ़ती देख पुलिस एवं दमकल को सूचना दी गई। लेकिन जब तक दमकल मौके पर पहुंचती 56 झोपड़ियां जलकर राख हो गई। इसके साथ ही सरस्वती के दो बैल, एक भैंस व एक भैंस
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का बच्चा झुलस गया। वहीं सतीश का एक बकरा और एक बकरी जलकर मर गए। सुरेंद्र की एक भैंस झुलस गई। इस अग्निकांड में नगदी, अनाज, घरेलू सामान, बाइक और जेवरात आदि जलकर राख हो गए। करीब 50 परिवार पूरी तरह से तबाह हो गया है। मौके पर पहुंचे  एसडीएम कायमगंज बीडी वर्मा ने कहा कि अग्निपीड़ितों को आर्थिक सहायता मुहैया कराया जाएगा।

आग की लपटें देख सहमे ग्रामीण
ब्लाक क्षेत्र के गांव गंगपुर शाहपुर में हुए भीषण अग्निकांड के दौरान चीख-पुकार सुन आसपास के ग्रामीण जुट गए। वे आग बुझाने की कोशिश में लगे रहे, लेकिन आग की लपटें उनके हर प्रयास को फेल कर दे रही थी। कई बार स्थिति यह बनी कि आग की लपटें इतनी विकराल हो गई कि बुझाने में जुटे ग्रामीण् सहम गए।

दोपहर करीब 3 बजे मुनीश की झोपड़ी में लगी आग इतना बड़ा तांडव मचाएगी। पीड़ित पिंकू कहते हैं कि जिस समय आग लगी वह गांव के पास आम के पेड़ के नीचे बैठे थे। गांव तक पहुंचे तो पूरा गांव धूं-धूं कर जल रहा था। पीड़ित बुधपाल और अमर सिंह कहते हैं कि आग ने इतनी जल्दी विकराल रूप धारण किया कि कोई कुछ समझ ही नहीं सका। महिलाएं,

पुरूष और बच्चे जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे। हरीराम, देवदत्त और श्याम सिंह ने बताया कि इस अग्निकांड में किसी का घरेलू सामान तो किसी की नगदी और दहेज का सामान जल गया। अनाज भी सब जलकर राख हो गया। इतना गल्ला तक नहीं बचा है कि दो जून की रोटी तक जुटा सकें।

इनकी झोपड़ियां जलीं
मुनीश कुमार, सरस्वती देवी, रामरतन, नन्हें, पूनम, रतिराम, बदन सिंह, सौदान सिंह, जुगेंद्र सिंह, जशोदा देवी, प्रीतम, रामकिशन, रामबरन, पिंकू, बुधपाल, अमर सिंह, रामकली, रनवीर सिंह, चोब सिंह, शिवराज, सर्वेंद्र कुमार, कल्याण कुमार,

नन्हें, किशनपाल, शेर सिंह, गंगाश्री, विशनुदयाल, नेम सिंह, सुखवीर, हरीराम, देवदत्त, श्याम सिंह, महेशपाल, समर पाल, चंद्रपाल, ब्रजनंदन, सतीश कुमार, सुरेंद्र पाल, रवींद्र पाल, देवेंद्र पाल, महिपाल, राजपाल, अमरपाल, उपेंद्र कुमार, कल्याण कुमार, अवनीश कुमार, यादराम, मुन्नी देवी, बाबूराम, कर्मवीर, धर्मवीर, मुकेश कुमार, गंगादीन, रामजी और अहिल्कार।
 
ग्रामीणों में आक्रोश
गंगपुर शाहपुर में दोपहर करीब 3 बजे आग लगी। आग की जानकारी तत्काल थाना पुलिस को दे दी गई। लेकिन शाम को 5.30 बजे से लेकर 6.30 बजे तक फायरब्रिगेड मौके पर पहुंचीं। इसको लेकर ग्रामीणों में खासा आक्रोश था। फायरब्रिगेड के

पहुंचने पर गुस्साए ग्रामीणों का कहना था कि अब इनके आने से क्या फायदा। अब तो सब कुछ जलकर राख हो गया है। ग्रामीण फायरब्रिगेड को वापस भेजने की जिद पर अड़ गए। लेकिन एसडीएम ने समझा-बुझाकर उन्हें शांत किया। इसके बाद फायरब्रिगेड आग बुझाने में जुट गईं।

पटियाली की फायर ब्रिगेड फंसी
गंगपुर शाहपुर में लगी आग की सूचना मिलने पर जिला एटा के पटियाली से आई फायरब्रिगेड गांव इकलहरा के पास ईंट से लदे ट्रैक्टर को बचाने के प्रयास में पुलिया में फंस गई। चालक प्रेम सिंह ने बताया कि ट्रैक्टर को बचाने के प्रयास में दमकल फंस गई। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद ट्रैक्टर से फायरब्रिगेड को निकाला जा सका।
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