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सिद्धिदात्री पूजन के साथ कन्याभोज, मंदिरों में उमड़े भक्त

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गुरुगांव देवी मंदिर में लगी भक्तों की भीड़। - फोटो : FARRUKHABAD
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शारदीय नवरात्र के नवें दिन माता सिद्धिदात्री के पूजन के बाद कन्या भोज कराए गए। मंदिरों में माता के दर्शन को भोर से ही लगी लंबी कतारें देर रात तक चलीं। मेलों में बच्चों ने खिलौने तो महिलाओं ने शृंगार का सामान खरीदा। सभी देवी मंदिरों के आसपास जाम जैसे हालात रहे। सुरक्षा कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद यातायात सुचारु रखा।
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देवी की नौ दिन तक चली साधना में लगे साधकों ने अपने व्रत का सोमवार को पारायण कर दिया। सुबह घरों में यज्ञ व इसके बाद कन्याभोज कराए गए। बाद में देवी मंदिरों में जाकर माता के दर्शन कर मनौतियां मांगीं। शहर के प्रसिद्ध गुरुगांव देवी मंदिर में बीबीगंज पुलिस चौकी से माता के मंदिर तक सिर्फ पैदल जाने वाले भक्तों की ही कतारें लगी थीं।
रोड के दोनों ओर मेले जैसा माहौल था। सैकड़ों दुकानों पर लोग खरीदारी कर रहे थे। इसी तरह बढ़पुर स्थित शीतला माता मंदिर, भोलेपुर स्थित वैष्णो देवी मंदिर, रेलवे रोड के मठिया देवी मंदिर, फतेहगढ़ का भारत माता मंदिर समेत सभी देवी मंदिरों में भक्तों की भीड़ रही।
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मोहम्मदबाद प्रतिनिधि के अनुसार नगर के राजीवनगर स्थित महामाई मंदिर, कटी देवी मंदिर,गांवों में स्थित गमा देवी मंदिरों पर प्रात: से ही देवी को जल चढ़ाने व पूजा करने को बेटियों, महिलाओं का लाइन लगी रही। बाद में कन्या भोज का सिलसिला प्रारंभ हुआ, जो दोपहर बाद तक चलता रहा।
क्षेत्र के गांव सकवाई, पिपरगांव, गोसरपुर, मुरहास, मुंडगांव, गैसिंहपुर, मौधा, मंडल शंकरपुर, धीरपुर, साहसपुर, सनौड़ा पृथ्वी, सनौड़ा ईश्वरी, जमुनापुर, ज्योंता, नवादा दोयम, रैसेपुर, भरतपुर रसूलपुर आदि गांवों में श्रद्धापूर्वक मां शारदा भवानी की आराधना की गई।
भोजन कराने को कन्याओं की रही कमी
घर-घर में शुरू हुए कन्या पूजन, भोजन के चलते साधकों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कन्याओं की कमी ऐसी रही कि जिस घर में भोजन कर रही थीं, वहां चार-चार लोग अपने यहां ले जाने को तैयार रहे। कन्याएं काफी मनुहार के बाद ही मुंह झूठा कर रही थीं।
देवी पंडालों में स्थापित प्रतिमाओं का विसर्जन
नवरात्र के मौके पर शहर में देवी पंडालों को सजाने की भी रिवाज है। सोमवार को नवमी के दिन पंडालों में सजाई गई प्रतिमाओं के सामने हवन-पूजन, आरती और भंडारा हुआ। दोपहर बाद माता की विसर्जन यात्रा निकाली गई। इसमें ढोल-नगाड़े के साथ महिला-पुरुष, बच्चे नाचते-गाते चल रहे थे।
नगर के अलावा फतेहगढ़ से भी आधा दर्जन प्रतिमाओं की विसर्जन यात्रा निकाली गई। डीजे की धुनों पर अबीर-गुलाल से सराबोर भक्तजन मस्त दिखाई दिए। प्रतिमाएं जब पांचाल घाट पहुंची, तो भीड़ के चलते जाम लग गया। सुरक्षा कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद जाम खुलवाया। प्रतिमाओं को गंगा के किनारे वेद मंत्रोच्चार के साथ भू-विसर्जित कर दिया गया।
मां को कुम्हेड़ा व गन्ने की दी बलि
फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ स्थित कालीवाड़ी मंदिर में दुर्गा नवमी पर मां दुर्गा की 108 दीपों से आरती की गई। इसके बाद भोग लगाकर प्रसाद बांटा गया। दोपहर में मां को प्रसन्न करने के भक्तों ने कुम्हेड़ा व गन्ने की बलि दी। इस दौरान पुजारी मिहार मुखर्जी, सुधीप कुमार पाल, पुलक बोस, अमित बोस, आशीष मुखर्जी समेत बंगाली समाज के लोग मौजूद रहे।
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