संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी बेसिक स्कूलों में नौनिहालों को आग से बचाने के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए है। जिम्मेदारों की अनदेखी कहीं भारी न पड़ जाए। अमर उजाला के प्रतिनिधि ने शहर के तीन स्कूलों में आग के इंतजाम को लेकर पड़ताल की। तीन स्कूलों में से एक में दो फायर एक्सटिंग्यूशर रसोई घर में जमीन पर रखे मिले। अन्य दो स्कूलों में वह भी नहीं मिले।
तीनों स्कूलों में आग को बुझाने के बालू से भरी बाल्टी व लोहे का स्टैंड भी नहीं मिला। मुख्य अग्निशमन अधिकारी विजय प्रकाश त्रिपाठी ने कई बेसिक स्कूलों का भ्रमण कर इस संबंध में बीएसए को रिपोर्ट भेजी थी। उसके बाद भी स्थित में कोई सुधार नहीं किया गया।
दृश्य 1. कन्या प्राथमिक विद्यालय बढ़पुर में बुधवार की सुबह बच्चे कक्षाओं में पढा़ई कर रहे थे। रसोई घर में खाना बन रहा था। गैस चूल्हे के पास दो फायर एक्सटिंग्यूशर धूल फांक रहे थे। उनको दीवार पर स्टैंड पर लटकाया नहीं गया था। वह मानकविहीन प्रतीत हो रहे थे। फायर एक्सटिंग्यूशर पर उसकी एक्सपायरी तिथि भी नहीं लिखी हुई थी। वहां मौजूद शिक्षक भी इस बारे में कुछ बोलने को तैयार नहीं थे।
दृश्य 2. पूर्व कन्या प्राथमिक विद्यालय तलैया फजल इमाम में किराए के भवन में संचालित हो रहा है। यहां सुबह बच्चे टीन शैड में जोर-जोर से पहाड़े पढ़ रहे थे। रसाेई घर में खाना बन रहा था। यहां पंजीकृत बच्चों की संख्या 39 है। रसोई घर में पीछे भरे कबाड़ में दो फायर एक्सटिंग्यूशर रखे हुए थे। ऐसा लग रहा था कि उनको खरीदने के बाद कभी जगह से उठाया ही नहीं गया।
प्रधानाध्यापक कृष्ण कुमार ने बताया कि स्कूल टिन शैड में चल रहा है। एक कोठरी है उसमें ही सामान रख देते है। बाल्टी व बालू रखने के लिए स्थान नहीं है।
दृश्य 3. शीतला जूनियर हाईस्कूल बढ़पुर में सुबह बच्चे अपने-अपने कक्षों में बैठे हुए थे। रसोई घर में सामान भरा हुआ था। वहां भी कबाड़ में दो फायर एक्सटिंग्यूशर रखे हुए थे। बाल्टी व बालू के अलावा स्टैंड की कोई व्यवस्था यहां पर नहीं थी। शिक्षा मित्र अवधेश ने बताया कि दो फायर एक्सटिंग्यूशर है। अन्य कोई सामान अग्निशमन के संबंध में नहीं है।
यह इंतजाम होना चाहिए
बेसिक स्कूलों में दो कक्ष में एक फायर एक्सटिंग्यूशर व चार बाल्टी बालू व उसको टांगने का लोहे का स्टैंड होना चाहिए। कमरों की संख्या के हिसाब से फायर एक्सटिंग्यूशर लगे होने चाहिए।
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स्कूल में कबाड़ के कमरे में लटके मिले अग्निशमन यंत्र
फोटो- 11, तहसील रोड स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में खाली लटकी बाल्टियां
कायमगंज। वर्ष 2011 में हाई कोर्ट के आदेश के बाद परिषदीय स्कूलों में आग बुझाने के पर्याप्त साधन रखने का इंतजाम किया गया था। सभी स्कूलों में 5-5 हजार रुपये खर्च कर इन्हें लगाया गया। नगर में कुछ स्कूलों में नजर डाली तो यह यंत्र आग बुझाने की तैयारी के हिसाब से रखे नहीं मिले। प्राथमिक विद्यालय बजरिया रामलाल में किराए के भवन में स्कूल संचालित है।
यहां एक ही कमरा है। बरामदे में व पेड़ के नीचे बैठकर बच्चे पढ़ते हैं। कमरे में टूटी कुर्सियां व अन्य कबाड़ का सामान भरा है। उसी में आग बुझाने के दो सिलिंडर लटके हैं। बालू भरी बाल्टियां दिखी ही नहीं। यहां तैनात शिक्षा मित्र श्रीश कुमार ने बताया कि 40 वर्ष से स्कूल किराए के भवन में चल रहा है। कमरे हैं नहीं खुले में सिलिंडर लगाया जाए तो चोरी होने का डर है। मजबूरी में सिलिंडर कबाड़ के कमरे में लटका दिया।
तहसील रोड स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में स्कूल चार बाल्टियां लटकी मिलीं मगर इनमें बालू नहीं थी। आग बुझाने के सिलिंडर एक कक्ष में लटक रहे थे जो कि ठीक थे। यहां तैनात शिक्षा मित्र मोहसिन ने बताया कि बाल्टियों में बालू भरवा दी जाएगी।
क्या कहते हैं जिम्मेदार......
बीएसए का वर्जन थोड़ी देर में दिया जाएगा.....................