- मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने एक सप्ताह में सूचना कोर्ट में देने के दिए आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय ने एक विवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले में आदेश देते हुए थानाध्यक्ष जहानगंज को पति समेत नामजद आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए। न्यायालय ने प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध बनता पाए जाने पर प्रस्तुत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया।
हरदोई थाना पाली के गांव मुंडरामऊ निवासी रामाधार ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि पुत्री सहेली को उसके पति जितेंद्र व ससुरालीजन प्रताड़ित करते थे। खाना तक नहीं दिया जाता था। दामाद के किसी अन्य महिला से अवैध संबंध थे, जिसके चलते उनकी पुत्री को परेशान किया जाता था।
22 अप्रैल को पुत्री ने बहन को फोन कर बताया था कि पति ने उसके साथ मारपीट की है। अगले दिन जब पिता अपनी पुत्री से मिलने जहानगंज के गांव बिरियानगला पहुंचे तो बेटी बेहद दुखी थी। 24 अप्रैल को सूचना मिली कि उनकी पुत्री सहेली का शव झाड़ियों में पड़ा मिला है। न्यायालय ने संबंधित थाना से रिपोर्ट तलब की। इसमें बताया गया कि घटना के संबंध में कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने माना कि प्रार्थना पत्र में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आते हैं और मामले की निष्पक्ष विवेचना आवश्यक है। अदालत ने जहानगंज थानाध्यक्ष को प्रार्थना पत्र में लिखे तथ्यों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर एक सप्ताह के भीतर सूचना न्यायालय को उपलब्ध कराने के आदेश दिए।