फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाईवे पर पलटा एलपीजी भरा टैंकर

Fri, 05 Jun 2015 11:04 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
राजेपुर में वाहन को ओवरटेक करते समय बेकाबू हुआ गैस टैंकर गुरुवार को देर रात इटावा-बरेली हाईवे पर गड्ढे में पलट गया। चालक जख्मी हो गया। हादसे के बाद टैंकर से गैस के रिसाव होने पर आसपास के गांवों में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची दमकल ने टैंकर पर पानी डालकर रिस रही गैस पर काबू पाया। पुलिस ने हाईवे बंद कर वाहनों को राजेपुर कस्बा होकर गुजारा। इस दौरान जाम लगा रहा।
विज्ञापन


जिला औरैया के पाता से 17.6 टन एलपीजी लेकर इंडियन आयल का गैस टैंकर जिला शाहजहांपुर के लिए गुरुवार की रात जा रहा था। इसे इटावा के गांव महेबा का निखिल चला रहा था। आधी रात के बाद करीब 3 बजे टैंकर राजेपुर के जमापुर समृद्धि कोल्ड स्टोरेज के पास भूसे की गाड़ी को बचाने में अनियंत्रित होकर गड्ढे में जा गिरा। टैंकर का एक टायर फट गया। घटना में घायल हुए चालक की सूचना पर थाना पुलिस पहुंची। टैंकर से एलपीजी के रिसाव की जानकारी एसओ

राजेपुर श्रीकांत यादव ने दमकल को दी। अग्निशमन अधिकारी वीरेंद्र सिंह यादव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों के अलावा घटना की कवरेज करने गए अखबार नवीसों को टैंकर के पास जाने से रोक दिया। कहा कि कैमरे के फ्लैश से दुर्घटना ही सकती है। शाहजहांपुर के जलालाबाद से भी फायर ब्रिगेड मंगवाई गई। इसके बाद पुलिस ने जमापुर मोड़ पर बैरियर लगाकर हाईवे पर यातायात रोक दिया। वहीं बरेली की ओर से आ रहे वाहनों को राजेपुर कस्बे से गुजारा
विज्ञापन


गया। इससे डबरी मोड पर जाम लग गया। उधर रिस रही गैस की दुर्गंध से आसपास के गांव  चित्रकूट, गौटिया, जमापुर, महमदपुर गढ़िया में अफरातफरी मची रही। घटना की जानकारी पर इंडियन आयल के गैसिंगपुर स्थित बाटलिंग प्लांट के मैनेजर संजय शर्मा, सहायक मैनेजर प्रणव कुमार मौके पर पहुंचे। इन्होंने राहत कार्य के लिए जिला शाहजहांपुर से इमरजेंसी रेस्क्यू व्हीकल (ईआरवी) को मंगवाया। शहजहांपुर से आए सहायक मैनेजर एलपीजी सुरक्षा ने अन्य टेक्नीशियनों के साथ

ईआरवी मशीन को पलटे पडे़ टैंकर के साथ जोड़ने का प्रयास शुरू किया। पलटे टैंकर को खाली करने के लिए एक खाली टैंकर गैसिंगपुर बाटलिंग प्लांट से तो दूसरा शाहजहांपुर से मंगवाया गया। रिफलिंग के दौरान गैस का रिसाव बढ़ गया। इस पर प्लांट मैनेजर ने क्षतिग्रस्त टैंकर के वाल्व की मरम्मत के लिए इंजीनियरों को लगाया। इसके बाद सुबह 11.30 बजे रिफलिंग का कार्य शुरू हो सका। इस बीच गर्मी बढ़ने से फायर ब्रिगेड की गाड़ियों से टैंकर के ऊपर पानी का छिड़काव किया जाता रहा। एहतियात के तौर पर बर्फ की सिल्लियों को भी टैंकर के आसपास लगाया गया।
 
क्रेन से उठवाया गया टैंकर
सड़क किनारे पलटे टैंकर से रिफलिंग कर गैस को दूसरे टैंकर में भरा गया। आधा कार्य समाप्त होने के बाद टैंकर को क्रेन के सहारे उठवाया गया। इसके बाद दूसरे टैंकर में रिफलिंग का कार्य शुरू हुआ।
 
एएसपी ने लिया जायजा
एएसपी रामभवन चौरसिया भी घ्जमापुर स्थित घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने रिफलिंग करवा रहे  इंजीनियरों से मामले की जानकारी ली। उन्होंने फायर ब्रिगेड के अधिकारियों के साथ ही टीएसआई को भी मुस्तैदी से काम करने के निर्देश दिए।
 
टैंकर फटता तो होता बढ़ा हादसा
सुबह वाहन को बचाने में सड़क के किनारे गिरे टैंकर से तीन कदम की दूरी पर गंगापार क्षेत्र में सप्लाई के लिए हाईटेंशन लाइन का खंभा लगा था। राहत में जुटे कर्मचारियों की मानें तो अगर टैंकर े गिरते समय बिजली के पोल से टकरा जाता तो भीषण विस्फोट हो जाता। एक्सपर्ट कहते हैं कि एलपीजी से भरा टैंकर मिसाइल की तरह कार्य करता है। इससे आसपास के क्षेत्र में कुछ भी बचने वाला नहीं था।
 
जान जोखिम में डालकर टैंकर ले जाते ड्राइवर
राजेपुर क्षेत्र में पलटे एलपीजी से भरे टैंकर में 17.6 टन गैस भरी थी। गैस प्लांट में टैंकर लगवाने के लिए टेंडर डालने की प्रतिस्पर्धा के चलते फर्म खर्च कम करने के लिए टैंकर पर केवल एक ही ड्राइवर रखती हैं। इससे  ड्राइवर गैस से भरे टैंकर को अकेले सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय कर जान जोखिम में डालकर ले जाते  हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें