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कोरोना में पिता को खोया, फादर्स डे की खुशियां किससे साझा करें

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मोहम्मदाबाद। इस बार महामारी में पिता को खोने वालों बच्चों के लिए फादर्स डे के मायने ही बदल गए। इस खास दिन का इंतजार करते जो बच्चे पहले से तैयारी कर पिता को विश कर सरप्राइज देते थे, वह लाडले अब पिता की याद में फादर्स डे मनाएंगे। सबसे दुखद पहलू यह है कि अब वह हैपी फादर्स डे किससे कहें।
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ब्लॉक क्षेत्र के गांव मानपुर निवासी जयसिंह माथुर(49) वीरपुर उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक थे। पत्नी ऊषा देवी ग्रहणी हैं। उनके एक पुत्र व दो बेटियां हैं। पुत्र शिवम बीटेक कर चुका है। अब दिल्ली में है। बड़ी बेटी शिवानी इंटर व छोटी बेटी हिमानी हाईस्कूल में है। पंचायत चुनाव में जयसिंह की ड्यूटी लगी थी। 15 अप्रैल वह प्रशिक्षण लेने गए। वहां से लौटने के बाद उन्हें बुखार आ गया। इसके बाद तबियत बिगड़ती चली गई। जांच में वह कोरोना संक्रमित निकले।
आक्सीजन स्तर कम होने पर अस्पताल में वेंटिलेटर नहीं मिला। 26 अप्रैल को तड़के अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई थी। नम आंखों से बेटे शिवम ने कहा कि हर बार वह फादर्स डे़ पर पापा की फोटो व्हाट्सएप स्टेटस पर लगाते थे। इस बार भी स्टेटस पर फोटो तो लगाएंगे, लेकिन विश किसे करें। पिता उसे कामयाबी की ऊंचाइयों तक पहुंचाने का सपना देख रहे थे। अब उसका हौसला कौन बढ़ाएगा और कामयाबी पर खुशी कौन मनाएगा। पिता की कमी पूरे परिवार के दिल को कचोट रही है।
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