फर्रुखाबाद। गैरइरादतन हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए पिता व उसके दो पुत्रों को अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश शैली रॉय ने शनिवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सभी दोषियों पर 75 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी हगी।
थाना मेरापुर क्षेत्र के ग्राम पुनपालपुर निवासी श्रीकृष्ण ने पुलिस को दी गई सूचना में बताया था कि मोबाइल फोन के लेनदेन को लेकर पातीराम, उसके पुत्र अनूप उर्फ अमित और रोहिताश ने गालीगलौज की। विरोध करने पर लात-घूंसों व डंडों से बेरहमी से मारपीट की। गंभीर रूप से घायल श्रीकृष्ण को पुलिस ने लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया था। इलाज के दौरान तीसरे दिन 27 मई 2011 को उसकी मृत्यु हो गई।
पुलिस ने मामले में पहले एनसीआर दर्ज की थी। वादी श्रीकृष्ण की मृत्यु के बाद मामला गैरइरादतन हत्या में तरमीम कर विवेचना की गई। विवेचक ने अनूप कुमार उर्फ अमित कुमार और रोहिताश के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। बाद में अभियोजन के प्रार्थना पत्र पर न्यायालय ने धारा 319 दंप्रसं के तहत 28 नवंबर 2018 को पातीराम को भी तलब किया। एक ही अपराध संख्या से संबंधित होने से एक साथ मामले सुने गए। न्यायालय ने उपलब्ध मौखिक व दस्तावेजी साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सकीय प्रमाणों के आधार पर तीनों अभियुक्तों को 30 जनवरी को दोषी करार दिया था।