फर्रुखाबाद। रमजान-उल-मुबारक के आखिरी जुमे यानी अलविदा की नमाज को लेकर उमड़ी भीड़ से मस्जिदों छोटी पड़ गईं। नमाज बहुत ही पुरसुकून माहौल में अदा की गई। रोजेदारों ने अल्लाह की बारगाह में गुनाहों से तौबा की। घरों में महिलाओं, बच्चों में भी खासा उत्साह रहा। डीएम और एसपी ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल मुस्तैद रहा।
शुक्रवार दोपहर में जैसे ही मस्जिदों से अल्लाह-हू-अकबर की सदाएं गूंजी, तो लोगों ने मस्जिदों की तरफ रुख किया। नमाजियों की अधिक संख्या को देखते हुए मस्जिद कमेटी ने नमाज के लिए पुख्ता इंतजाम किए। गर्मी से राहत के लिए मस्जिदों में कूलर व धूप से बचाने के लिए पंडाल लगवाए। घुमना स्थित जामा मस्जिद में खुली छत व गर्म फर्श पर रोजेदारों ने चिलचिलाती धूप में अलविदा की नमाज अदा की। अन्य मस्जिदों में भी जगह कम पड़ गई।
मौलाना मुफ्ती मोअज्जम अली ने कहा कि अलविदा-अलविदा माहे रमजान अलविदा। मस्जिद में नमाजियों की आंखें नम हो गईं। मौलाना ने कहा कि यह मुकद्दस महीना हमसे जुदा हो रहा है। हम लोगों को इस महीने अल्लाह के करीब आने का मौका मिला था, वह भी हमसे जुदा हो गया। अल्लाह हम सबने इस महीने जितनी इबादत की है, उसको कुबूल फरमा और हम सबको नेक रास्ते पर चलने की तौफीक अता फरमा। उन्होंने मुल्क में भाईचारा कायम रखने की दुआ मांगी। इसके अलावा शहर की अन्य सभी मस्जिदों में भी नमाज अदा की गई। डीएम संजय कुमार सिंह, एसपी अशोक कुुमार मीणा, एएसपी, सीओ सिटी समेत तमाम पुलिस अफसर शहर में मुस्तैद रहे।
पुरानी ईदगाह में सुबह नौ बजे, नई ईदगाह में सुबह आठ बजे, काजी मस्जिद सुबह आठ बजे, मस्जिद फजल-ए-रहमानी सुबह 8:30 बजे, आम वाली मस्जिद सुबह 7:30 बजे, मदीना मस्जिद सुबह आठ बजे, मस्जिद शमशेर खानी सुबह आठ बजे, फतेहगढ़ पत्थर वाली मस्जिद सुबह 8:45 बजे, मस्जिद हुसैनिया मुजीबिया सुबह आठ बजे, वारा खां मस्जिद 8:30 बजे व अन्य छोटी-बड़ी मस्जिदों में ईद की नमाज अदा की जाएगी।