फर्रुखाबाद। अधिवक्ता संघ में शामिल तीन सौ वकीलों को बार एसोसिएशन से निष्कासन करने के मामले पदाधिकारियों ने विरोध जताया। सचिव को संबोधित ज्ञापन नोटिस बोर्ड पर चस्पा कर दिया।
बार एसोसिएशन की महिला अध्यक्ष मंजू देवी भाष्कर, संयुक्त सचिव राजेंद्र यादव की अगुवाई में पदाधिकारी व वकील बार सभागार के गेट के सामने एकत्र हुए। उन्होंने बताया कि बार एसोसिएशन के महासचिव संजीव पारिया ने बिना कार्यकारिणी व आमसभा की बैठक बार एसोसिएशन के तीन सौ सदस्यों को सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया। पदाधिकारियों की राय लेना उचित नहीं समझा गया। जबकि संस्था में कोई भी निर्णय लेने से पहले सभी की राय लेना आवश्यक होती है। सचिव के आदेश को पदाधिकारी मान्य करने के लिए बाध्य नहीं है।
सभी पदाधिकारियों ने यह निर्णय लिया कि जब तक कार्यकारिणी की बैठक में कोई फैसला नहीं होता तब तक महासचिव के निर्णय को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाए। एक सप्ताह के अंदर आम सभा की बैठक के बाद ही जो निर्णय होगा वह मान्य किया जाएगा। ज्ञापन को नोटिस बोर्ड पर चस्पा कर दिया गया। इस दौरान राजीव कुमार सिंह, बृजेश कुमार, पियूष दुबे, यादव सिंह शाक्य, सत्यपाल सिंह, देवेंद्र सिंह, शिखर सक्सेना, सुनील दिवाकर, शेर सिंह यादव, सोनू मिश्रा आदि वकील मौजूद रहे। महासचिव संजीव पारिया ने बताया सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि वकील एक ही संगठन का सदस्य रह सकता है। बार एसोसिएशन की सदस्यता लेते समय वकील हलफनामा देते है कि वह किसी अन्य संगठन में शामिल हो तो उनकी सदस्यता स्वत: समाप्त हो जाए।