राजेपुर (फर्रुखाबाद)। बिजनौर में कार और रोडवेज बस की भिड़ंत में चचेरे भाइयों समेत पांच लोगों की मौत और तीन के घायल होने से घरों में कोहराम मच गया। परिजन घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। घायलों का मेरठ में इलाज चल रहा है। सीओ और थाना पुलिस ने पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया। देर रात तक लोगों का आना-जाना लगा रहा।
थाना व ग्राम पंचायत राजेपुर निवासी रोहित राठौर (21) दो साल पहले शादी में मिली कार से दोस्त अशोक यादव (28) और उसके चचेरे भाई धर्मेंद्र यादव (29), मंजीत (17), सच्चिदानंद (19), सुमित कुमार (16), पवन कुमार (28) तथा क्षेत्र के ही गांव महेशपुर निवासी अमित सिंह (27) के साथ शुक्रवार को हरिद्वार गए थे।
आठों लोगों ने ऋषिकेश में नीलकंठ बाबा का जलाभिषेक किया और शनिवार को घर लौट रहे थे। रविवार को भोर चार बजे बिजनौर के थाना मंडावली के गांव मुस्सेपुर के पास सामने से आ रही तेज रफ्तार रोडवेज की बस से भिड़ंत हो ग्रई। अशोक यादव, धर्मेंद्र यादव, मंजीत और सच्चिदानंद की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पवन ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घायल सुमित, रोहित व अमित को मेरठ रेफर कर दिया गया। रोहित की हालत गंभीर बताई जा रही है।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिवार के लोग घटनास्थल पर रवाना हो गए। कस्बे में पांच लोगों की मौत की जानकारी पर सीओ अमृतपुर रविंद्र नाथ राय, थानाध्यक्ष दिनेश कुमार गौतम ने परिजनों को ढांढस बंधाया। देर रात तक घरों में लोगों का तांता लगा रहा।
कस्बा में एक साथ पांच लोगों की मौत के बाद मातम पसर गया। मृतकों के घरों और सगे संबंधियों के यहां चूल्हे भी नहीं जले। घटना के बाद से घरों से चीत्कार मचा रहा। आसपास के लोग कभी इस घर तो कभी उस घर में जाकर परिजनों को समझाकर चाय और पानी पिलाते रहे। जूता-चप्पल और किताबों की कुछ दुकानें भी बंद रहीं। परिजनों को क्या पता था कि जो लोग भोले बाबा को मनाने गए हैं वह घर तो लौटेंगे, मगर जीवित नहीं। जब भी रिश्तेदार पहुंचते तो घरों में चीखें सुनाई देने लगतीं।
मार्ग दुर्घटना में मृत अशोक यादव और उसका चचेरा भाई धर्मेंद्र माता-पिता के अकेले बेटे थे। अशोक बैंक मित्र था और धर्मेंद्र सीएचसी कमालगंज में कंप्यूटर ऑपरेटर। अशोक की मां मुन्नी देवी और दो बहनें हैं। पत्नी वंदना, बेटी ममता, शिवानी और एक बेटा है। धर्मेंद्र की छह बहनों में चार की शादी हो चुकी है। मां सुरा देवी, पत्नी लक्ष्मी, दो बेटियां वैष्णवी व सुहानी और पांच माह का पुत्र है। वहीं महेशपुर का घायल अमित राजेपुर सीएचसी में कंप्यूटर ऑपरेटर है।
सच्चिदानंद कुशवाहा का परिवार गरीब है। वह मजदूरी करके पिता महेश्वर सिंह का परिवार के खर्च में हाथ बटाता था। वह तीन भाइयों में बीच का था। मां कमला देवी, बड़ा भाई उत्पल और छोटा कार्तिक का रो-रो कर बुरा हाल है।
मंजीत उम्र में भले ही काफी छोटा था, मगर पांच साल पहले मार्ग दुर्घटना में पिता रमेश चंद्र की मौत के बाद से उसने किताबों की दुकान संभाल ली थी। वह दो भाइयों में बड़ा था। छोटा सुधांशु और मां शकुंतला देवी हैं। पवन का भी कॉपी-किताबों का कारोबार था। वह चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। बड़ा भाई फूलचंद, सुनील तथा छोटा सुशील है। पत्नी आरती बार-बार बेहोश हो रही थी।
मंजीत के रोते बिलखते परिजन। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD
पवन की फाइल फोटो। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD
रोते बिलखते अशोक के परिजन। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD
मंजीत की फाइल फोटो। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD