राजेपुर सरायमेदा गांव में हैंडपंप में लगे सबमर्सिबल से पानी भरने को लगी भीड़। संवाद
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कमालगंज। राजेपुर सरायमेदा के जाटव मोहल्ले के 75 घरों के लोग पानी के संकट से जूझ रहे हैं। इस मोहल्ले में लगे सात हैंडपंपों में से ज्यादातर फेल हो गए हैं। सामुदायिक शौचालय के हैंडपंप पर लगा सबमर्सिबल ही लोगों का सहारा है, लेकिन उन्हें पानी भरने के लिए यहां लाइन लगानी पड़ती है।
कमालगंज कस्बे से तीन किलोमीटर दूर स्थित राजेपुर सरायमेदा गांव की आबादी तकरीबन आठ हजार है। गांव में घुसते ही जाटव मोहल्ला है। मोहल्ले में सात हैंडपंप लगे हैं, लेकिन एक के बाद एक खराब हो गए। कुछ में पानी नहीं आता है तो कुछ की बोरिंग फेल हो गई। इससे मोहल्ले के 75 घरों में पानी का संकट है। इस मोहल्ले में कुछ ही लोगों के यहां ही सबमर्सिबल लगा है।
पानी के लिए सामुदायिक शौचालय के पास हैंडपंप में लगा सबमर्सिबल ही सहारा है। यहां सुबह-शाम पानी भरने के लिए लोग डिब्बे-बाल्टी रखकर लाइन में खड़े रहते हैं। पहले पानी भरने के लिए अक्सर महिलाओं में विवाद होता है। ग्रामीणों ने पानी की समस्या को लेकर कई बार ग्राम प्रधान से शिकायत की, लेकिन समाधान नहीं हो सका।
ग्राम प्रधान अनवर हुसैन चंदा ने बताया कि शौचालय के 60 मीटर के अंदर तीन हैंडपंप चालू हैं। जो लोग हैंडपंप चलाकर पानी नहीं लेना चाहते, वह शौचालय के सबमर्सिबल से पानी भरते हैं। बताया जाता है कि हैंडपंप में लगे सबमर्सिबल में करंट आने से जान का खतरा रहता है। कुछ माह पूर्व गांव के रामचंद्र पानी भरने गए थे। हैंडपंप को पकड़ते ही उन्हें करंट लग गया। लोगों ने उन्हें बचाया था।
बस्ती के लोगों के पानी भरने के लिए सुबह-शाम सबमर्सिबल चलाया जाता है। हैंडपंप के पास सुबह पांच बजे से ग्रामीण डिब्बे-बाल्टी रखकर अपना नंबर लगा देते हैं। शौचालय के केयर टेकर के आने पर सात बजे सबमर्सिबल चालू होता है। इसी प्रकार शाम को तीन बजे से नंबर लगाने पर साढ़े चार बजे सबमर्सिबल चालू होता है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी भरने में ढाई-तीन घंटे लग जाते हैं। सबमर्सिबल चालू कराने को लेकर अक्सर ग्रामीणों और शौचालय की केयर टेकर के ससुर बाबूराम से नोकझोंक होती है।