कायमगंज। इस समय मौसम के मिजाज काफी तीखे चल रहे हैं। दिन निकलने के साथ ही गर्म हवा के थपेड़े बदन झुलसाने लगते हैं। बुधवार को अधिकतम पारा 45.1 डिग्री व न्यूनतम पारा 35.5 डिग्री पर पहुंच गया। आने वाले दिनों पारा और भी बढ़ने की संभावना है। ऐसे में धूप में निकलने पर हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है।
भीषण गर्मी में घर का तापमान मेंटेन रखने के लिए कूलर व एसी के इंतजाम किए जाते हैं। उसी तरह शरीर के कूलिंग सिस्टम को बनाए रखना जरूरी होता है। सीएचसी के डॉ. अमरेश कुमार बताया कि अधिक गर्मी पड़ने और ज्यादा देर तक धूप में रहने से पसीने की ग्रंथियां (स्वेट ग्लैंड्स) बंद हो जाती हैं।
इससे बदन की गर्मी यानी पसीना निकलना बंद हो जाता है और हीट स्ट्रोक हो जाता है। मरीज को बेचैनी होने लगती है। ऐसे में शरीर के कूलिंग सिस्टम को बचाना आवश्यक है। जब भी ऐसा हो तो ज्यादा पानी पीएं, लापरवाही खतरनाक हो सकती है। हीट स्ट्रोक होने पर मरीज की जान भी जा सकती है।
आशा व एएनएम को दी गई है ट्रेनिंग
सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. शिवप्रकाश ने बताया कि हीट स्ट्रोक के प्रति जागरूकता लाने के लिए आशा व एएनएम को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। हीट स्ट्रोक होने पर शरीर का तापमान बढ़ने लगता है। इससे शरीर के सेल्स काम करना बंद कर देते हैं। तेज बुखार के साथ मरीज को बेचैनी होने लगती है। ऐसे में शरीर के तापमान को नियंत्रित करने के उपाय होने चाहिए।
हीट स्ट्रोक के लक्षण
सिर दर्द, तेज बुखार, होश खो बैठना, मानसिक स्थिति बिगड़ना, उल्टी आना, त्वचा का लाल होना, धड़कनें बढ़ना, शरीर से पसीना न निकलना, चक्कर आना, शरीर में पानी की कमी हो जाना।
हीट स्ट्रोक से बचाव
- तेज धूप में निकलने से बचें
- सिर पर टोपी या गमछा डालकर निकलें
- घर से अधिक पानी पीकर बाहर निकलें
- मौसमी फलों का अधिक प्रयोग करें
- दिन में कई बार तरल आहार लें
- सूती कपड़े पहनें
- शराब, कोल्ड ड्रिंक, चाय, काफी पीने से बचें