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एक फीसदी भी नहीं हुई गेहूं की खरीद

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कायमगंज मंडी में क्रय केंद्र पर पसरा सन्नाटा। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। जनपद में इस बार गेहूं की सरकारी खरीद लक्ष्य के सापेक्ष एक प्रतिशत भी नहीं हो सकी। खरीद के लिए दो दिन ही शेष बचे हैं। सभी क्रय केंद्र लगभग बंद की स्थिति में हैं। इससे बाकी दो दिनों में भी गेहूं की खरीद की उम्मीद काफी कम है। केंद्र प्रभारियों का किसानों से संपर्क अभियान भी बेअसर साबित हुआ।
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गेहूं की सरकारी खरीद के लिए जिले में एक अप्रैल से 40 क्रय केंद्र शुरू हुए। इस वर्ष शासन से गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। 15 जून तक 36 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य तय है। इसमें दो दिन ही शेष बचे हैं। जबकि सात जून तक जिले में मात्र 326.68 मीट्रिक टन ही गेहूं खरीदा जा सका है, जो लक्ष्य के सापेक्ष 0.91 प्रतिशत है। सभी क्रय केंद्रों पर पूरी तरह सन्नाटा पसरा है।
गेहूं न आने से अधिकांश क्रय केंद्र खोले ही नहीं जा रहे हैं। इन हालातों को देखते हुए शेष दो दिन में गेहूं खरीद बढ़ने की भी उम्मीद नहीं हैं। हालांकि गेहूं खरीद बढ़ाने के लिए डिप्टी आरएमओ ने केंद्र प्रभारियों को गांव-गांव भेजकर किसानों से संपर्क करने का अभियान चलवाया।
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इसके बाद भी गेहूं खरीद न बढ़ने से अभियान बेअसर साबित हुआ। जानकारों का कहना है कि शुरुआत से ही खुले बाजार में न्यूनतम समर्थन मूल्य से ज्यादा दाम पर गेहूं खरीदा गया। इससे सरकारी क्रय केंद्रों पर किसान अपना गेहूं लेकर ही नहीं गए। इसी वजह से अंतिम दौर तक गेहूं की सरकारी खरीद नहीं बढ़ सकी। शायद इतनी कम खरीद कभी नहीं हुई।
केंद्रों पर खरीद की स्थिति
जिले में कुल 40 क्रय केंद्र बने हैं। इन केंद्रों पर अब तक कुल 117 किसानों से 326.68 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है। इनमें 13 क्रय केंद्रों पर मात्र एक-एक किसान से गेहूं की खरीद कर बोहनी मात्र की गई है। इसके अलावा आठ केंद्रों पर दो-दो किसानों, सात केंद्रों पर तीन-तीन किसानों से गेहूं खरीदा गया। सर्वाधिक आठ-आठ किसानों से एफसीआई व खाद्य विभाग के दो केंद्रों पर गेहूं की खरीद हुई।
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