फर्रुखाबाद। धनतेरस पर मंगलवार को बाजार में ग्राहकों की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से शाम तक किराना, इलेक्ट्रानिक्स, बर्तन, सराफा, डेकोरोशन सामग्री और वाहन के शोरूम समेत सभी दुकानों में जमकर खरीदारी हुई। देर रात तक 50 करोड़ से अधिक का कारोबार हुआ।
शहर में लोहाई रोड स्थित बर्तन का बाजार में सबसे ज्यादा रौकन रही। यहां दुकानें फुटपाथ तक सजाई गईं। दोपहर से दूरदराज गांवों के लोग पहुंचे लगे। शहर के लोग शाम को निकले। सर्राफा बाजार में सबसे ज्यादा बिक्री चांदी के सिक्कों की हुई। नौकरपेशा लोगों ने जेवरात भी खरीदे। भीड़ की वजह से कई बार जाम भी लगा। पुलिस के पुख्ता प्रबंध के चलते तुरंत ही जाम को खुलवा दिया गया। बढ़पुर स्थित एक एजेंसी पर करीब 200 और दूसरी पर करीब 350 बाइकों की बिक्री होना बताया गया। अन्य एजेंसियों पर भी देर रात तक ग्राहकों को चाबियां सौंपने सिलसिला चलता रहा। कमालगंज, कायमगंज, मोहम्मदाबाद, अमृतपुर, नवाबगंज समेत करीब 1500 दोपहिया वाहनों की बिक्री का अनुमान है।
झाड़ू और नारियल खरीदे
धनतेरस पर झाड़ू खरीदना भी शुभ माना गया है। इससे फूल की झाड़ूू और नारियल की भी खूब खरीदारी की गई। दिवाली पूजन के लिए अन्य सामान भी खरीदा।
महंगाई के बावजूद हुई जमकर खरीदारी
कायमगंज संवाद के अनुसार धनतेरस पर सुबह से देर रात बाजार गुलजार रहे। महंगाई के बावजूद जमकर खरीदारी हुई। लोगों ने सोने-चांदी के जेवर, बर्तन, और सिक्के खरीदे। गणेश-लक्ष्मी की और कुबेर की मूर्तियों के दाम पिछले वर्ष की अपेक्षा अधिक रहे। बाईपास रोड स्थित ऑटो बाजार में भी भीड़ रही। खील और खिलौनों से भी खूब बिक्री हुई। भीड़ को देखते हुए बाजार में बड़े वाहनों का प्रवेश वर्जित कर दिया गया था।
महंगाई की वजह से खरीदे हल्के बर्तन
कमालगंज संवाद के अनुसार बारिश व बाढ़ के प्रकोप से फसल चौपट होने के चलते ग्रामीण क्षेत्र में आर्थिक तंगी का असर धनतेरस बाजार पर भी छाया रहा। उस पर बर्तनों की 40 प्रतिशत तक महंगाई देख ग्राहक दंग रह गए। पिछले साल 10 रुपये में मिला स्टील का गिलास 15 व 50 वाली थाली 80 रुपये में थी। पीतल व तांबे के बर्तनों में भी 150 से 200 रुपये किलो महंगाई रही। बर्तन व्यापारी गौरव गुप्ता का कहना है कि गत वर्षों की अपेक्षा 35 से 40 प्रतिशत ही बर्तनों की बिक्री हुई। व्यापारी सुमित पालीवाल ने कहा कि ग्राहकों का कहना था कि इस बार बीमारी में भी बहुत पैसा चला गया। इसलिए किसी ने कटोरी व तश्तरी से ही काम चलाया। स्टील, पीतल के बर्तनों का भाव बढ़ने से भी लोगों ने छोटे व हल्के बर्तन खरीदे।
दिवाली पूजन शाम 5:52 से 8:38 तक शुभ
फर्रुखाबाद। ज्योतिषाचार्य योगीराज दवे ने बताया कि बुधवार को नरक चौदस है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरका सुर नामक राक्षस का वध किया था। इसी पर इसका नाम नरक चौदस पड़ा। गुरुवार को दिवाली पूजन होगा। कारोबारियों के लिए सुबह 7:07 से 9:22 बजे तक और दोपहर 1:10 से 2:45 बजे तक पूजन का शुभ मुहूर्त है। घरों पर शाम 5:52 बजे से रात 8:38 बजे तक पूजन कर सकते हैं। दिन रात्रि में श्री सूक्त का पाठ कर हवन-पूजन श्रेष्ठ रहता है। मां लक्ष्मी को कमल गट्टा जरूर चढ़ाएं।