फर्रुखाबाद। अवैध प्लाटिंग कर शहर का नक्शा बिगाड़ने वालों पर भी अब प्रशासन ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। भूखंड का बिना विनियमितीकरण कराए प्लाटिंग करने वाले 125 से अधिक लोगों की सूची बनाई गई है। इसमें पालिकाध्यक्ष सहित कई दिग्गजों के नाम शामिल हैं।
शहर व निकटवर्ती गांवों में विनियमितीकरण कराए बिना वर्षों से अवैध प्लाटिंग का खेल चल रहा है। भू-स्वामियों ने प्रापर्टी डीलरों के माध्यम से प्लाट बेचकर करोड़ों की कमाई की। जानकारी पर सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय से भू-स्वामियों को नोटिस जारी किए गए, लेकिन उन्होंने जवाब देना भी मुनासिब नहीं समझा। इसके साथ ही बिना नक्शा पास कराए भवनों का निर्माण हुआ और अवैध कालोनियां तैयार हो गईं।
खासतौर से शहर के मोहल्लों के अलावा विनियमित क्षेत्र के गांव मसेनी, खानपुर, चांदपुर, अमेठी कोहना, धन्सुआ, पांचालघाट, बजरिया, बाग लकूला, नेकपुर कलां, सेंट्रल जेल चौराहा, वनखड़िया, ढिलावल, नरायनपुर आदि स्थानों पर प्लाटिंग की गई। इन भूखंडों का न तो विनियमितीकरण कराया गया और न ही भवन निर्माण के लिए नक्शे पास कराए गए।
इन कालोनियों में न तो मानक के अनुरूप गली की 30 फीट चौड़ाई छोड़ी गई और न ही नाली निर्माण, बिजली के पोल लगाने व पानी की निकासी के लिए कोई इंतजाम किए गए। इससे बरसात में इन अवैध कालोनियों में जलभराव की भी समस्या रहती है।
खास बात यह है कि अवैध प्लाटिंग करने वालों की सूची में पालिकाध्यक्ष वत्सला अग्रवाल, शीतगृह मालिक मोहन अग्रवाल, संजय साध के भी नाम शामिल हैं। प्रशासन ने अवैध प्लाटिंग करने वाले भू-स्वामियों, बिना नक्शा मकान बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर ली है।
सिटी मजिस्ट्रेट दीपाली भार्गव ने बताया कि अवैध रूप से प्लाटिंग करने वाले 125 से अधिक लोगों की सूची बनाई गई है। कई शहरों में अवैध कालोनियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। अब फर्रुखाबाद में भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि अवैध कालोनियों के ध्वस्तीकरण के साथ प्लाट बेचने वाले भू-स्वामियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।