फर्रुखाबाद। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को लगने वाले मुख्यमंत्री आरोग्य मेलों में व्यवस्थाएं नहीं सुधर रही हैं। पीएचसी पर कहीं डॉक्टर नहीं पहुंचे तो कहीं दवाओं की कमी रही। आयुष चिकित्सक, फार्मासिस्ट व एएनएम ने मरीज देखकर दवाएं दीं।
जनपद में शहर के चार व ग्रामीण क्षेत्र की 28 पीएचसी पर आरोग्य मेला लगा। भोलेपुर पीएचसी पर लगातार डॉक्टर न आने से फार्मासिस्ट अखिलेश ही मरीज देखते रहे। कुल 13 मरीजों में से पांच की एलटी विनय कुमार ने जांच की। शहर की नौलक्खा पीएचसी पर सीएमओ और डीएम के निरीक्षण के बाद भी डॉ. मधु अग्रवाल ड्यूटी पर नहीं पहुंचीं।
एलटी न होने से मरीजों की जांच भी नहीं हुई। आयुष चिकित्सक नवनीत गुप्ता ने 20 मरीज देखकर एलोपैथिक दवाएं लिखीं। आईड्रॉप न होने से चार मरीज लौट गए।
पीएचसी रकाबगंज में डॉ. शोभा सक्सेना व साहबगंज में डॉ. अंजुला गोस्वामी ने मरीजों का इलाज किया। मोहम्मदाबाद क्षेत्र की पीएचसी खिमसेपुर में एलटी तैनात न होने पर मरीजों की जांच नहीं हो सकी।
दोपहर एक बजे तक कुल नौ मरीज पहुंचे। अमृतपुर में पीएचसी पिथनापुर में आयुष चिकित्सक सुुधीर कुमार सिंह ने 23 मरीजों को देखकर एलोपैथिक दवाएं दीं। नवाबगंज के गांव अचरा खलवारा पीएचसी में 32 मरीज आए। इसमें सर्वाधिक जुकाम, खांसी के थे। दर्द का ट्यूब खत्म होने से कई मरीज खाली हाथ लौटे गए।
कंपिल के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिल्सड़ी में डॉ. रेशू, आशा सरिता, किरन देवी, आंगनबाड़ी अवधेश दुलारी व सीमा नहीं आईं। दर्द, चोट व खुजली के मरीजों को एएनएम प्रियंका ने देखकर दवा दी।
पीएचसी बजखेड़ा में 12 मरीज आए। सीएमओ बोले होगी कार्रवाई प्रभारी सीएम डॉ. दलवीर सिंह ने बताया कि आरोग्य मेले में ड्यूटी पर न जाने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सभी पीएचसी पर 958 मरीजों को उपचार दिया गया है।