कायमगंज ब्लाक क्षेत्र के गांव गुजरपुर में सैकड़ों की संख्या में अन्ना पशु किसानों के खेतों में खड़ी फसलों को आए दिन उजाड़ रहे हैं। इससे परेशान होकर बुधवार सुबह किसानों ने अन्ना पशुओं को घेरकर प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय में लाकर बंद कर दिया।
बुधवार सुबह बच्चे व अध्यापक विद्यालय पहुंचे, तब जानकारी हुई। अध्यापकों ने स्कूल परिसर में मौजूद अन्ना पशुओं को बाहर निकालना चाहा तो ग्रामीणों ने मना कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि समाधान होने पर ही पशुओं को बाहर निकाला जाएगा। प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक पुष्पेंद्र सिंह ने पुलिस को सूचना दी। सिवारा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। अन्ना पशुओं को निकालने को लेकर किसानों व पुलिस में नोकझोंक हो गई।
इसके बाद पुलिस के द्वारा वीडियोग्राफी किये जाने पर किसान मौके से खिसक लिए। जैसे-तैसे पुलिस ने अन्ना पशुओं को बाहर निकाला। सिवारा चौकी इंचार्ज अंकुश राघव मौके से तीन किसानों को थाने ले आए। एक घंटे देर से स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो सकी। अन्ना पशुओं ने परिसर में खड़े पेड़-पौधे तोड़ डाले। थाना प्रभारी जेएल सोनकर ने बताया कि पशुओं को छोड़ दिया गया है। अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
गुजपुर में नहीं अस्थाई गोसदन
गांव गुजरपुर में अस्थाई चरागाह व गोसदन नहीं है। इससे अन्ना पशु किसानों की फसल बर्बाद कर रहे हैं। कुछ दिन पूर्व ही जिलाधिकारी मोनिका रानी ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में अस्थाई चरागाह व गोसदन बनवाने को लेकर अधिकारियों को आदेश दिए थे। लेकिन अभी तक क्षेत्र की ज्यादातर ग्राम पंचायतों में चरागाह नहीं बने हैं। गांव के किसान जितेंद्र सिंह, ओमवीर सिंह, बनवारी लाल आदि ने बताया कि गांव में पड़ी ग्राम समाज की जमीन पर दबंगों का कब्जा है। तहसीलदार गजेंद्र सिंह ने बताया कि संबंधित लेखपालों व प्रधानों को आदेश दे दिए गए हैं। जल्द ही सभी ग्राम पंचायतों में जगह चिह्नित कर अस्थाई चरागाह व गोसदन बनाए जाएंगे।