तीन दिन में सात ट्रैक्टर-ट्राली सीज करने के विरोध में किसान यूनियन के लोगों ने एआरटीओ कार्यालय में हंगामा किया। उन्होंने गलत तरीके से ट्रैक्टर-ट्राली सीज कर किसानों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। पुलिस ने मौके पर पहुंच हंगामा कर रहे लोगों को शांत कराया।
यात्रीकर अधिकारी ने तीन दिन में करीब सात ट्रैक्टर-ट्राली कामर्शियल कार्य में प्रयोग होने के आरोप में पकड़ कर सीज कर दिए। इससे किसान यूनियन का मंगलवार को गुस्सा फूट पड़ा। किसान यूनियन के पदाधिकारी व सदस्य एआरटीओ कार्यालय पहुंचे और गलत तरीके से ट्रैक्टर-ट्राली को पकड़ने और उनका चालान करने का आरोप लगाकर हंगामा किया।
कहा कि खेतों के लिए खाद ले जाते समय ट्रैक्टर-ट्राली को रोक लिया जाता है। फर्जी तरीके से कामर्शिलय में प्रयोग होना दिखाकर चालान कर दिया जाता है। इस तरह का उत्पीड़न बर्दास्त नहीं किया जाएगा। इसको लेकर किसान यूनियन के कुछ नेताओं की पीटीओ से नोकझोंक हो गई। मामला बिगड़ने पर पुलिस को जानकारी दी गई।
फतेहगढ़ कोतवाली पुलिस एआरटीओ कार्यालय पहुंची और किसान यूनियन के लोगों को समझाकर शांत कर किया। इसके बाद वह लौट गए। पीटीओ वीके आनंद ने बताया कि कृषि कार्य में पंजीकृत ट्रैक्टर-ट्राली का उपयोग कामर्शियल में किया जा रहा है। जिन ट्रैक्टर-ट्राली को सीज किया है। वह कामर्शिलय में प्रयोग हो रही थी। इससे कामर्शिलय में पंजीकरण होना आवश्यक था।