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पीड़ित किसानों को न बीमा क्लेम मिला और न मुआवजा

Mon, 13 Apr 2015 11:26 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
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जिले का गांव खिमसेपुर अपने आप में खास है। खास इसलिए कि इसे सांसद मुकेश राजपूत ने गोद ले रखा है। कह सकते हैं कि इस गांव के लोगों के लिए सांसद खासतौर पर हमदर्द हैं। फिर भी विडंबना यह कि इस गांव में मौसम के कहर से तबाह किसानों को अभी तक न तो फसल नुकसानी का बीमा क्लेम मिला और न ही मुआवजा। गांव में करीब 300 किसानों ने
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क्रेडिट कार्ड से लोन लिया है। ये लोन नहीं चुका पाएंगे। इन्हें मलाल है कि गांव को गोद लेने के बाद सांसद दर्द जानने भी नहीं आए। आसमान में छाए बादलों और बूंदाबांदी से रही-सही फसल भी तबाह होती लग रही है।
फसल नुकसानी के मुआवजे का ऐलान होने पर गांव के किसानों को सांसद की वजह से आसानी से हक मिलने की उम्मीदें

थीं। इन्हें लग रहा था कि बीमा क्लेम भी मिल जाएगा। सर्वे में भी खेल नहीं होगा। इनकी यह उम्मीद टूट गई। प्रधान सुरेश चंद्र पाल का कहना है कि जब सर्वे ही नहीं हुआ तो मुआवजा कै से मिलेगा। लेखपाल को दो बार फोन किया वह नहीं आए। यहां 60 फीसदी से ज्यादा फसल तबाह हुई है। किसान प्रभात मिश्रा, सुशील बताते हैं कि सांसद गांव में दो बार आए।
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बेमौसम बरसात से हुई तबाही का हाल जानने नहीं पहुंचे। खिमसेपुर गांव में 1100 परिवार हैं। सभी खेती करते हैं। 500 किसान परिवारों की जिंदगी चलाने के लिए खेती एकमात्र जरिया है। आलू की मंदी इन्हें 3 से 4 हजार रुपया बीघा कर्ज में फंसा गई थी। इन्हें गेहूं से साल भर के गुजारे व कर्ज चुकने की उम्मीद थी। मौसम ने फ सल भी बर्बाद कर दी। इनका 60

से 70 फ ीसदी नुकसान हुआ है। खेत में पसरी फसल इसकी तस्दीक भी कर देती है।  किसान कहते हैं कि गेहूं से उम्मीदें थीं लेकिन बेमौसम बरसात ने 60 से 70 फीसदी फसल तबाह कर दी है। 300 किसानों ने के सीसी से कर्ज लिया है। यह चुका पाना इनके वश में नहीं है। बाकी 20 फीसदी किसान सहकारी समितियां व दूसरों के कर्जदार हैं।
किसानों ने बची फसल की मड़ाई शुरू कर दी है। किसान ओमप्रकाश सिंह कहते हैं कि एक बीघे में 4 से 5 क्विंटल गेहूं

निकलना चाहिए। निकल डेढ़ से सवा क्विंटल रहा है। इसमें से भी 40 किलो प्रति क्विंटल गेहूं की मड़ाई करने वाले ले लेते हैं। ऐसे में साल भर खर्च चल पाना मुश्किल है। किसान सुरेश सिंह, प्रशांत सिंह का कहना है कि सांसद के गांव गोद लेने का कोई फायदा नहीं मिला।

देर सबेर जाएंगे
जिले में सर्वे में लापरवाही हुई है। जिले के गांवों का भ्रमण कर रहे हैं। अमृतपुर व राजेपुर इलाके के दर्जनों गांवों में जाकर हकीकत जानी है। 60 से 70 फीसदी नुकसान हुआ है। किसानों के हक की लड़ाई लड़ी जाएगी। आज (सोमवार ) एटा जिले के गोद लिए गांव अमरौली अतनपुर गांव के किसानों की समस्याएं सुनने आए हैं। शाम को खिमसेपुर में जाएंगे। -मुकेश राजपूत, सांसद
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