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किसानों की डाटा फीडिंग सत्यापन ने की मंद

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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में किसानों की डाटा फीडिंग की गति धीमी हो गई है। कहीं सत्यापन रिपोर्ट न पहुंच पाने से कंप्यूटर ऑपरेटर खाली बैठे रहते, तो कहीं पूरे ऑपरेटर ही नहीं पहुंच रहे हैं। इससे अब तक 35 फीसदी किसानों की ही फीडिंग हो सकी है।
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दो हेक्टेयर से कम भूमि पर खेती करने वाले किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 6000 रुपये वार्षिक दिए जाने हैं। 20 फरवरी तक पहली किस्त 2000 रुपये किसानों के खातों में डाली जानी है। इसके लिए लेखपालों द्वारा जिले के पंजीकृत व भूलेख खतौनी के आधार पर किसानों का सत्यापन कराया जा रहा है। जिला पंचायत बार रूम में तहसील अमृतपुर, कलक्ट्रेट स्थित एनआईसी में तहसील सदर व कायमगंज तहसील में किसानों की डाटा फीडिंग हो रही है। इसके लिए 50 कंप्यूटरों पर रात व दिन दो शिफ्टों में ऑपरेटरों की तैनाती कर फीडिंग कराई जा रही है। 

शनिवार को एनआईसी में फीडिंग की स्थिति का जायजा जिलाधिकारी मोनिका रानी व सीडीओ अपूर्वा दुबे ने लिया। अधिकांश कंप्यूटर खाली पड़े थे। कंप्यूटर ऑपरेटर के मुताबिक रात में जिला उप कृषि निदेशक राजकुमार ने अपने सामने फीडिंग कराई। लेखपालों द्वारा सत्यापन रिपोर्ट न आने से फीडिंग के लिए उनके पास सुबह से डाटा नहीं हैं। इससे आपरेटर चले गए। 
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वहीं, जिला बार रूम में तैनात कानूनगो हरीकृष्ण ने बताया कि पांच ऑपरेटर फीडिंग कर रहे हैं। जबकि डूडा के पांच ऑपरेटर ड्यूटी पर ही नहीं आए। अमृतपुर क्षेत्र के पंजीकृत किसानों की फीडिंग पूरी हो चुकी है, जबकि भूलेख सत्यापन के आधार पर फीडिंग हो रही है। अब तक 15 हजार किसानों का डाटा फीड हो चुका है। 

जिला उप कृषि निदेशक राजकुमार ने बताया कि शाम तक जिले के 81 हजार किसानों का डाटा फीड हो चुका है। शनिवार को लेखपालों द्वारा सत्यापन डाटा काफी देरी से मिला। सत्यापन में समय लगने से फीडिंग गति नहीं पकड़ पा रही है। अब तक 35 फीसदी फीडिंग की जा चुकी है।
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