फर्रुखाबाद। खुद को ब्लॉक में तैनात बताते हुए युवक ने डीपीआरओ के फर्जी हस्ताक्षर व मुहर लगाकर एसबीआई से लाखों रुपये का ऋण ले लिया। गुरुवार को बैंक की टीम जब सत्यापन करने पहुंची तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। अब लोन लेने वाले युवक का पता नहीं चल रहा है।
शहर की भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की शाखा बद्री विशाल की टीम विकास भवन स्थित डीपीआरओ कार्यालय पहुंची। बैंक कर्मी ने स्थापना पटल देख रहे राकेश बाबू को डीपीआरओ के हस्ताक्षर और मुहर लगा वेतन प्रमाणपत्र दिखाया। इसमें लिखा था कि यह प्रमाणित किया जाता है कि परवीन कुमार पुत्र बाबूलाल वरिष्ठ लिपिक के पद पर स्थायी रूप से राजस्व ग्राम फर्रुखाबाद ब्लॉक नवाबगंज में कार्यरत है।
उसमें जुलाई 2022 से दिसंबर तक प्रति माह वार वेतन विवरण भी लिखा है। सत्यापन के दौरान स्थापना पटल लिपिक राकेश बाबू ने कहा कि इस नाम का कोई भी वरिष्ठ लिपिक उनके विभाग में नहीं है। वेतन प्रमाण पत्र पर लगी डीपीआरओ की मुहर भी उनके कार्यालय की नहीं है। साथ ही न ही डीपीआरओ के हस्ताक्षर हैं।
इससे बैंक कर्मचारियों के चेहरे उतर गए। पूछने पर यह भी नहीं बताया कि कितना ऋण लिया गया है। इतना कहा कि लाखों में है। बीडीओ नवाबगंज गगनदीप सिंह ने बताया कि परवीन कुमार नाम का उनके ब्लॉक में कोई भी लिपिक नहीं है।
डीपीआरओ उमाशंकर मिश्र ने बताया कि बैंक कर्मी द्वारा उन्हें दिखाई गई पे-स्लिप त्रुटिपूर्ण है। देयक प्रारूप भी गलत भरा है। मुहर भी उनके कार्यालय की नहीं है। बैंक प्रबंधक शैली अवस्थी को कई बार फोन किया गया, लेकिन काल रिसीव नहीं हुई। व्हाट्स एप पर मैसेज भेजकर इस संबंध में जानकारी करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।