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फर्जी आरक्षित टिकट बनाने वाला गिरफ्तार, एक हिरासत में

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मऊदरवाजा थाने के बाहर एक कैफे पर छापेमारी करते आरपीएफ के जवान। - फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। फर्जी आरक्षित टिकटों के बढ़ते चलन से सतर्क रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की टीमों ने शहर में दो कैफे पर छापा मारा। एक कैफे संचालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि दूसरे कैफे से सीपीयू की हार्डडिस्क, प्रिंटर समेत अन्य सामान कब्जे में ले लिया। पुलिस दूसरे कैफे संचालक को भी साथ ले गई। कुछ आरक्षित टिकटें भी बरामद हुई हैं।
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रेलवे सुरक्षा बल के डीजी से मिले निर्देश के बाद आरपीएफ ने तीन-चार टीमों के साथ अलग-अलग स्थानों पर फर्जी आईडी से आरक्षित टिकट बनाने वाले कैफे पर बुधवार को छापे मारे। कादरीगेट चौराहे पर एक कैफे पर वहीं का निवासी देवेश कुमार (26) पुत्र जगपाल सिंह मिला।
यही युवक वर्ष 2019 में जनपद कन्नौज के गुरसहायगंज में पड़े छापे में भी नामजद था। आरपीएफ को इसकी तलाश थी। आरपीएफ ने उसे गिरफ्तार कर डाक्टरी परीक्षण कराने के बाद जेल भेज दिया है। उधर, फतेहगढ़ आरपीएफ चौकी प्रभारी प्रशांत सिंह यादव ने पुलिस बल के साथ मऊरवाजा थाने के सामने एक कैफे पर बुधवार दोपहर छापा मारा।
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पुलिस के साथ मौजूद तकनीकी विशेषज्ञ ने कैफे संचालक से करीब एक घंटे तक पूछताछ की। कैफे से टिकटें भी बरामद हुईं हैं। एक घंटे बाद आरपीएफ टीम ने कैफे के सीपीयू से हार्डडिस्क, प्रिंटर, की-बोर्ड, माउस आदि को जब्त कर लिया। इसके बाद टीम कैफे में ताला डलवाकर संचालक को साथ ले गई। फिलहाल मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।
कैफे संचालक शटर बंद कर भागा
आरपीएफ की टीम जैसे ही कैफे में घुसी, तो ठीक सामने दूसरा कैफे का संचालक शटर बंद करके खिसक लिया। माना जा रहा है कि इस स्थान पर कैफे संचालक फर्जी आईडी से आरक्षित टिकट बनाने का गोरखधंधा कर रहे हैं।
‘उच्चाधिकारियों के आदेश पर टीमें अलग-अलग स्थानों पर जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही असलियत सामने आएगी। तकनीकी विशेषज्ञ लगे हुए हैं। फिलहाल कोई मामला नहीं है।’-जेके सिंह, इंस्पेक्टर, आरपीएफ फर्रुखाबाद।
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