सनातन धर्म के विविध रूपों को समेटे श्री रामनगरिया में साधु संत भगवत
आराधना में तल्लीन हैं। वहीं कल्पवासी इस ठिठुरन भरी सर्दी में धार्मिक
अनुष्ठानों में लगे हुए हैं। हर तरफ कथा, भागवत का दौर चल रहा है। मकर
संक्रांति पर्व पर कड़ाके की ठंड होने के बावजूद कल्पवासियों व
स्नानार्थियों ने गंगा मइया के उद्घोष के साथ डुबकी लगाई। क्षेत्र में साधु
संतों के विविध रूप भी देखने को मिले।
नागा संप्रदाय के जूना अखाड़े के
संतों ने गंगातट पर अस्त्र-शस्त्रों के साथ विविध करतब दिखाए। वहीं वैष्णव
संप्रदाय के संतों ने पूरे क्षेत्र की परिक्रमा भी की। कहीं-कहीं धूनी रमाए
संत भी दिखे। लोगों ने सत्यनरायन की कथा कराकर पुण्य का लाभ लिया। यहां
लोग पर्व पर भंडारा और मुंडन संस्कार कराते देखे गए। देर शाम मां भागीरथी
की भक्तों ने आरती उतारी। प्रशासनिक व्यवस्थाएं लचर दिखीं।
हालांकि ठंड
अधिक होने के कारण गैरजनपदों से कम ही लोग आए। स्नानार्थियों ने पारा 4
डिग्री होने के बावजूद गंगा मइया के जल में डुबकी लगाई। जवानों की क्या
कहें यहां बूढ़े, बच्चे भी डुबकी लगाते दिखाई दिए। स्नान करने के बाद
दान-पुण्य किया गया और गंगा मइया की आरती उतारी गई।
शोभायात्रा में झूमे संत
शंभू
पंचनामदशनाम जूना अखाड़ा अमैयापुर ठाकुरद्वारा के महंत योगाश्वरानंद गिरि
की अध्यक्षता में संतों ने शोभायात्रा निकाली। इसमें चल रहे साधुसंतों को
माला पहनाकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर योगेश्वरानंद गिरि, सत्यगिरि,
मर्दन गिरि, कुबेर गिरि, राम गिरि,
सत्यनरायन मिश्रा, कालपुरी भैरव,
महाकालपुरी, महेश गिरि और सोमवारपुरी समेत आधा सैकड़ा साधुसंत मौजूद रहे।
वैष्णव संतों ने मकर संक्रांति पर्व पर पूरे क्षेत्र की परिक्रमा की। उनके
साथ सैकड़ों संत रामनाम का गुणगान करते हुए चल रहे थे। रामप्रकाश आश्रम,
कन्हैया आश्रम, ब्रह्म चैतन्य गिरि, शंभू चैतन्य, लखन स्वरूप ब्रह्मचारी
आदि मौजूद रहे।
नागा संतों ने दिखाए करतब
नागा
संप्रदाय के साधुसंतों ने मेला क्षेत्र में कड़ाके की सर्दी में अपने
स्वरूप में मेला क्षेत्र का भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान साधुसंतों ने
तलवारबाजी के जौहर दिखाए। इसे देखकर लोग हतप्रभ रह गए।
धूनी रमाकर हरनाम कीर्तन
रामनगरिया
क्षेत्र में कई अखाड़ों के संत धूनी रमाए दिखे। यहां हरनाम कीर्तन चलता
रहा। भगवान शंकर की कथा भी कही गई। अपने रंग में रंगे धूनी रमाए बाबा लोगों
को आशीर्वाद देते दिखे।
भगवान का नाम सच्चा आधार
सत्यस्वरूप
ब्रह्मचारी बाबा ने कहा कि कलियुग में भगवान का नाम ही सच्चा आधार है।
ढकोसले से भगवान प्रसन्न नहीं होते। उन्हें तो भक्त का भाव प्यारा होता है।
भक्त जिस भाव से भगवान की आराधना करता है। उसी भाव को दृष्टिगत रखते हुए
भगवान उसका फल देता है। उन्होंने बताया कि भगवान शंकर ने पार्वती से कहा कि
कलियुग में भगवान का नाम ही सर्वोपरि है। इसलिए मैं रात-दिन भगवान राम के
नाम का जाप करता हूं।
वैदिक क्षेत्र में निर्माण कथा
वैदिक
क्षेत्र के चरित्र निर्माण शिविर उद्घाटन में लोगों को बुरी आदतें छोड़ने
की प्रेरणा दी गई। साथ ही शिविर में हवन इत्यादि कार्यक्रम संपन्न कराए गए।
इस अवसर पर शैलेंद्र कुमार तिवारी, मेजर सुनीलदत्त द्विवेदी, वरुण, कैलाश,
लालाराम, रामऔतार, शैलेश शास्त्री, देवपाल सिंह, अजीत कुमार, उदिता, रीतू,
शालू और दलवीर शास्त्री आदि मौजूद रहे।
देर शाम हुई बूंदाबांदी
एक
तरफ मेला क्षेत्र में पानी बढ़ने से कल्पवासियों को रहना दुश्वार हो गया
है। वहीं दूसरी तरफ देर शाम हुई बूंदाबांदी ने कल्पवासियों की दुश्वारियां
और बढ़ा दी हैं। पानी बरसने के कारण लोग अलाव नहीं जला सके। शाम से ही लोग
अपनी-अपनी झोपड़ियों में दुबक गए।
हर-हर गंगे के बीच गंगा में लगाई डुबकी
फर्रुखाबाद।
मकर संक्रांति के शाही स्नान पर सर्दी का असर दिखाई दिया। पांचाल घाट,
ढाईघाट और श्रृंगीरामपुर घाट पर श्रद्धालुओं की संख्या कम रही। हर-हर गंगे
के उद्घोष के बीच श्रद्घालुओं ने गंगा जी में डुबकी लगाई। इस दौरान घाटों
पर दान-पुण्य का सिलसिला पूरे दिन चलता रहा। शाही स्नान के दौरान हर बार
पुल पर लगने वाला जाम इस बार नहीं लगा। घाटों पर डुबकी के बाद श्रद्धालुओं
ने मां गंगा की आरती
उतारकर प्रसाद वितरण किया। घाट किनारे रहने वाले कुष्ठ
रोगियों को गंगा भक्तों ने खिचड़ी, फल और गजक आदि दान किए। शमसाबाद
प्रतिनिधि के अनुसार ढाईघाट पर भी गंगा भक्तों की संख्या कम रही। कमालगंज
प्रतिनिधि के अनुसार श्रृंगीरामपुर स्थित गंगा घाट पर भी श्रद्धालुओं ने
स्नान करने के बाद पूजन-पाठ किया। इसके बाद श्रृंगीऋषि मंदिर में जाकर
प्रसाद चढ़ाया।