फर्रुखाबाद। विद्युत मंडल बच्चा स्वामी क्षेत्र से रविवार को शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा दो नंबर सीढ़ी से शुरू होकर पुल के नीचे से होते हुए प्रशासनिक क्षेत्र में पहुंची। यहां पर मेला व्यवस्थापक ने यात्रा में शामिल संतों का माला पहनाकर स्वागत किया।
इसके बाद शोभायात्रा गंगा के किनारे से होती हुई छह नंबर सीढ़ी पर पहुंची। यहां से यात्रा में शामिल लोगों ने बंधे के ऊपर से होते हुए दोेबारा से मेले की परिक्रमा की। महिलाओं ने गंगा से कलश में जल भरा। यात्रा का समापन आश्रम पर हुआ। कल्पवासियों ने शोभायात्रा का जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। यात्रा में शिवस्वरूप ब्रह्मचारी, सत्यस्वरूप ब्रह्मचारी, सेवा आश्रम, आचार्य रमेश चंद्र पांडेय और यज्ञाचार्य रामपाल पांडेय आदि मौजूद रहे।
प्रभु की शरण में आने से खुलते किस्मत के ताले
मेला के छाता वाले क्षेत्र में हो रही भागवत कथा में मैनपुरी से आए आचार्य शेर महाराज ने सुदामा चरित्र का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि मित्र के साथ कपट करने से ही सुदामा की यह गति हुई थी। प्रभु जिसकोे अपना लेते हैं, उसे अपना सर्वस्व दे देते हैं। सुदामा के तीन मुठ्ठी चावल के बदले तीनों लोकों का स्वामी बनाने की प्रभु ने ठान ली थी। निर्धन सुदामा देखते ही देखते दो लोकों के स्वामी बन गए। उन्होंने कहा कि प्रभु की शरण में आने के बाद किस्मत के ताले खुल जाते हैं।
मेले में आज निकलेंगे शोभायात्राएं
मेला रामनगरिया में मौनी अमावस्या पर शोभायात्राएं निकाली जाएंगी। श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के सचिव सत्यगिरी ने बताया कि अखाड़े की शोभायात्रा सुबह 10 बजे से शुरू होगी। यात्रा में सभी अखाड़ों के नागा साधु हिस्सा लेंगे। वहीं दयालु महाराज के आश्रम से भी शोभायात्रा निकाली जाएगी।