संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद/कायमगंज। मौसम के उतार-चढ़ाव के चलते बुखार, डायरिया, एलर्जी के साथ आई फ्लू ने भी तेजी पकड़ ली है। जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी तक मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। बारिश के बाद आंखों के वायरस का हमला तेज है। इस संक्रमण से संक्रमित एक व्यक्ति पूरे घर को संक्रमित कर देता है। ऐसे वक्त में भी अस्पतालों में गिनी-चुनी दवाओं से इलाज की औपचारिकता निभाई जा रही है। डॉक्टर बाहर से दवाएं लिखने को मजबूर हैं।
मूसलाधार बारिश में जलभराव के बाद तेज धूप में वातावरण में संक्रमण बढ़ गया। सोमवार को लोहिया अस्पताल की ओपीडी में 640 मरीज पहुंचे। इनमें खांसी जुकाम, बुखार के अलावा नेत्र रोगियों की संख्या 140 के करीब रही। इनमें 40 से अधिक मरीज आईफ्लू के बताए जा रहे हैं। अस्पताल में इस संक्रमण से बचाने के लिए दवाओं का टोटा है। आई ड्रॉप एंटीबायोटिक सिप्रो फ्लेक्सासिन व कार्बोग्जी मिथाइल सेलीलोज है। इसके अलावा गोली में एंटीपायरेटिक, एंटीबायोटिक और एंटी एलर्जिक ही है जबकि आईफ्लू में यह दवाओं तेजी से काम नहीं करतीं। ऐसे में मरीजों को बाहर से दवाएं लिखना डॉक्टरों की मजबूरी है।
कायमगंज सीएचसी पर मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। पहले 500 तो अब 600 मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं। चिकित्साधीक्षक डॉ. विपिन कुमार ने बताया कि बारिश के दौरान मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता घट गई है। बच्चों को कई बीमारियां जल्दी घेर रही हैं। फिलहाल सीएचसी में दवाइयों का स्टॉक है, फिर भी डिमांड भेजी गई है। नेत्र चिकित्सक कक्ष में आई फ्लू के मरीजों की भीड़ लगी रही। नेत्र सर्जन डॉ. आरके चतुर्वेदी ने बताया कि आमतौर पर ओपीडी में 50 से 55 मरीज ही आते थे। मगर अब संख्या 200 के पार पहुंच गई है। यह बीमारी बारिश में गंदगी के सड़ांध की वजह से अधिक है। आईफ्लू के रोगी से दूर रहना अधिक अच्छा है। फिलहाल दो तरह के आईड्राप हैं। डिमांड भी भेज दी है। नगर के मोहल्ला नोनियमगंज निवासी हिमांशु व अताईपुर के लकी ने बताया कि उनके घर में सभी लोग आईफ्लू से पीड़ित हैं। दर्द अधिक होने से काफी दिक्कत है।
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बुखार खांसी और डायरिया वाले बरतें सावधानियां
- तेज धूप में बच्चों को घर से निकलने दें
- बच्चों के ठंडे पानी व कोल्ड ड्रिंक पीने से रोकें
- बाहर का खाना या जंक फूड से बचें
- अगर कोई सर्दी खांसी बुखार से पीड़ित है तो उससे बच्चों को दूर रखें
- बच्चों को पानी उबालकर पिलाएं, दस्त होने पर डॉक्टर की सलाह पर ओआरएस का घोल देते रहें
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आई फ्लू में ये बरतें सावधानियां
-आंखों में नमी रखने के लिए पानी का अधिक सेवन करें
-सात-आठ घंटे की नींद जरूर लें
-डॉक्टर की सलाह पर आई ड्राप डालें
-आंख में लालामी हो और पानी आ रहा हो तो दूसरा व्यक्ति उसका रूमाल इस्तेमाल न करे
-आंखों को बार-बार न छुएं
-आंख में हाथ लगने पर साफ पानी से तुरंत धो लें
-धूप में निकलने पर काला चश्मा लगाएं
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जरूरी दवाओं की कोई कमी नहीं
सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त ने बताया कि आईफ्लू में जरूरी दवाओं की कमी नहीं है। यदि डॉक्टर कोई अन्य दवा के लिए कहेंगे, तो उसकी व्यवस्था कराई जाएगी। अन्य बीमारियों की दवाएं भी भरपूर हैं।