प्रसूता की सास व आशा कार्यकर्ता से पूछताछ करते अतिरिक्त एसडीएम ब्रजकिशोर।
- फोटो : अमर उजाला
कमालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के गेट पर ही प्रसव व नवजात की मौत के मामले में बृहस्पतिवार को अतिरिक्त एसडीएम बृजकिशोर दुबे और डिप्टी सीएमओ डॉ. राजीव शाक्य की जांच के बाद आरोपी नर्स की संविदा समाप्त कर दी गई। डॉक्टर का एक माह का वेतन रोकने के भी निर्देश दिए गए। प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए समिति गठित कर दी गई है।
भूलनपुर चिरपुरा गांव के पुष्पेंद्र बुधवार दोपहर को प्रसव पीड़ा होने पर पत्नी रीतू (26) को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचा था। आरोप है कि स्टाफ नर्स रश्मि ने उसे भर्ती नहीं किया और धक्का देकर भगा दिया। रीतू को स्वास्थ्य केंद्र के गेट पर ही प्रसव हो गया, लेकिन नवजात की मौत हो गई। बृहस्पतिवार को डीएम ने एसडीएम बृजकिशोर दुबे और डिप्टी सीएमओ डॉ. राजीव शाक्य को जांच के लिए भेजा। दोनों ही अधिकारियों ने जांच की और संबंधित लोगों के अलग-अलग बयान दर्ज किए। अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज एसडीएम अपने साथ ले गए।
डिप्टी सीएमओ डॉ. राजीव शाक्य ने बताया कि अस्पताल के अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही सामने आ रही है। इसकी रिपोर्ट सीएमओ को दी जाएगी। सीएमओ ने उनकी रिपोर्ट पर स्टाफ नर्स रश्मि की संविदा समाप्त कर दी। उन्होंने बताया कि घटना के समय अस्पताल में मौजूद डॉक्टर विकास पटेल का भी वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं।