संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। बेसिक विभाग के शहर क्षेत्र के स्कूलोें में एक्सपायर फायर एक्सटिंग्यूशर स्टोर रूम में बंद पड़े हैं। कहीं सामान के पीछे दबे रखे हैं। ऐसे में विभाग हाईकोर्ट के आदेशों की खुलेआम अवहेलना कर रहा है। नौनिहालों का जीवन दांव पर लगाकर उनको शिक्षित करने का काम किया जा रहा है। विभाग के असफर हवाई निरीक्षण करते रहते हैं।
इसके चलते कोई कार्रवाई भी नहीं की जाती है। शहर के चार स्कूलों की संवाद प्रतिनिधि की पड़ताल में यह कलई खुलकर सामने आ गई है।
प्राथमिक विद्यालय बहादुरगंज में गुरुवार को प्रधानाध्यापक राजीव कुमार मिश्रा सहित अन्य शिक्षक मौजूद थे। स्कूल में पढ़ाई चल रही थी। रसोईघर में मिड डे मील बन रहा था। यहां एक कक्ष में दो एक्सपायर एक्सटिंग्यूशर लटके हुए थे। बालू व बाल्टी सहित स्टैंड वहां पर नहीं पाया गया। पूछने पर राजीव कुमार ने बताया कि समयाभाव में फायर एक्सटिंग्यूशर को भरवा नहीं पाए थे। एक दो दिन में इसको रिफिल करवा लेगें। यहां पर 116 बच्चे पंजीकृत हैं।
उच्च प्राथमिक विद्यालय चीनीग्राम में 215 बच्चे पंजीकृत हैं। यहां पर प्रधानाध्यापक यासमीन बेगम सहित अन्य शिक्षक मौजूद थे। यह लोग बच्चों को पढ़ा रहे थे। अग्निशमन यंत्र के बारे में पूछने पर बताया कि कमरे में रखे हुए हैं। मौके पर जाकर देखा तो दो फायर एक्सटिंग्यूशर कमरे की ताक पर धूल फांक रहे थे। दोनों की तिथि एक्सपायर हो चुकी थी। ऐसे में रसोई घर में सिलेंडर या चूल्हे से आग लग जाए तो यहां बुझाने के लिए कोई इंतजाम नहीं है। हैरत की बात है कि बालू, बाल्टी व स्डैंड भी नहीं था।
सविलियन विद्यालय लिंजीगंज में 192 बच्चे पंजीकृत हैं। प्रधानाध्यापक दीप्ती चतुर्वेदी सहित अन्य शिक्षक गुरुवार को स्कूल में शिक्षण कार्य करवा रहे थे। यहां पर दो फायर एक्सटिंग्यूशर कमरे में एक कोने में धूल फांक रहे थे। दोनों की तिथि एक्सपायर हो चुकी थी। उनको दुबारा रिफिल नहीं कराया गया जबकि प्रतिवर्ष एक फायर एक्सटिंग्यूशर को रिफिल कराने के लिए दो सौ रुपये आवंटित किए जाते हैं। उसके बाद भी किसी अधिकारी ने निरीक्षण में इस पर ध्यान नहीं दिया।
कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्ययालय बढ़पुर में गुरुवार को प्रधानाध्यापिका रेशमा बानो सहित अन्य शिक्षक बच्चों को पढ़ा रहे थे। रसोई घर में बच्चों के लिए मिड डे मिल बन रहा था। अग्निशमन यंत्र के बारे में पूछने पर बताया कि दो फायर एक्सटिंग्यूशर हैं। उनको कमरे में जाकर देखा तो वह पीछे रखे हुए थे। उन पर मिट्टी जमी हुई थी। विद्यालय परिसर में कहीं भी स्टैंड, बाल्टी व बालू नहीं रखी पाई गई। अगर कोई अनहोनी घटना हो जाए तो बच्चों व शिक्षकाें का मौके से भागने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार......
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से अग्निशमन यंत्रों की जांच करने के आदेश दिए गए हैं। सभी प्रधानाध्यापकों को अग्निशमन यंत्रों को सही स्थान पर टांगने और आवश्यकता पड़ने पर प्रयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश की हीला-हवाली पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
गौतम प्रसाद, बीएसए