बेसिक शिक्षा विभाग की लापरवाही से परिषदीय स्कूलों में अर्द्धवार्षिक परीक्षा खिलवाड़ बन गईं हैं। मोबाइल पर प्रश्नपत्रों की फोटो टीचरों को भेजकर परीक्षा कराई जा रही है। शनिवार को कई स्कूलों में देरी से प्रश्नपत्र पहुंचने से परीक्षा समय पर पूरी नहीं हो सकी।
परिषदीय स्कूलों में शनिवार को प्रथम पाली में हमारा परिवेश और दूसरी पाली में सामाजिक विषय की परीक्षा थी। इन परीक्षाओं को पूरा कराने के लिए बीएसए कार्यालय से सभी ब्लाक और नगर क्षेत्र के एनपीआरसी प्रभारियों को प्रश्नपत्र दिए गए थे। उनको परीक्षा शुरू होने से पूर्व स्कूलों में पहुंचाना था। प्रथम पाली की परीक्षा 9.30 बजे से कराने के लिए स्कूलों में बच्चों को शिक्षकों ने बैठा दिया और कापी बांट दी, लेकिन अधिकांश स्कूलों में प्रश्नपत्र नहीं पहुंचे। एनपीआरसी के नजदीक वाले स्कूलों में प्रश्नपत्रों को भेज दिया गया। दूर दराज वाले स्कूलों में प्रश्नपत्र नहीं भेजे गए।
अमृतपुर तहसील क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय जगतपुर, प्राथमिक विद्यालय सबलपुर, प्राथमिक विद्यालय रामपुर जोगराजपुर, प्राथमिक विद्यालय लायकपुर में प्रश्नपत्र नहीं पहुंचे। इसके अलावा नगर क्षेत्र व अन्य ब्लाक क्षेत्रों के कई स्कूलों में प्रश्नपत्र नहीं पहुंच सके। शिक्षकों ने एनपीआरसी से प्रश्नपत्र मांगे तो उन्होंने व्हाट्सऐप पर प्रश्नपत्र की फोटो खींच कर भेज दी। शिक्षकों ने ब्लैक बोर्ड पर प्रश्न लिखकर परीक्षा कराई। इससे शिक्षकों को परेशानी उठानी पड़ी।
परीक्षा केंद्र में कम रही बच्चों की संख्या
अमृतपुर। शनिवार को परिषदीय स्कूलों में परीक्षा देने वाले बच्चों की संख्या कम रही। अधिकांश बच्चे परीक्षा में शामिल नहीं हुए। पूर्व माध्यमिक विद्यालय जगतपुर में पंजीकृत 33 बच्चों में से 14, प्राथमिक विद्यालय सबलपुर में 87 पंजीकृत बच्चों में से 50, प्राथमिक विद्यालय रामपुर जोगराजपुर में पंजीकृत 75 में से 15, प्राथमिक विद्यालय लायकपुर में पंजीकृत 103 बच्चों में से 30 बच्चे परीक्षा देने उपस्थित हुए। प्रधानाध्यापकों का कहना है कि दिवाली के अवकाश के बाद एक दिन विद्यालय खुलने से बच्चे परीक्षा देने कम आए हैं।
बोले जिम्मेदार
प्रश्नपत्र बीएसए कार्यालय से एनपीआरसी को बांट दिए गए थे। यदि एनपीआरसी ने स्कूलों में प्रश्नपत्रों को नहीं पहुंचाया और व्हाट्सऐप पर प्रश्नपत्र की फोटो भेज कर परीक्षा कराई गई है तो यह गंभीर मामला है। इसकी कोई शिकायत नहीं आई है। यदि शिकायत आती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
रामसिंह, बीएसए