पांचाल घाट चौराहे पर जाम में फंसे दोपहिया वाहन।
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फर्रुखाबाद। इटावा-बरेली हाईवे पर मरम्मत का काम होने से पूरे दिन जाम में वाहन फंसे रहे। उमस भरी गर्मी में बस में बैठे बच्चे व बड़े प्यास से व्याकुल हो उठे। रूट डायवर्जन के आदेशों के बाद भी भारी वाहनों से पांचाल घाट पर जमा लगने से स्थिति बदतर हो रही है। वाहनों को नियंत्रित करने के लिए तैनात यातायात विभाग के सिपाही राहगीरों से अभद्रता करते दिखे। बड़े वाहन चौराहे तक कैसे पहुंचे इस सवाल पर सिपाही ने तपाक से जबाव दिया कि पुलिस अधीक्षक से पूछ लो। उन्हीं को मालूम होगा कि डायवर्जन के बाद भारी वाहन पांचाल घाट तक कैसे पहुंचे।
विगत चार दिनों से इटावा-बरेली हाईवे 730 सी पर स्थित पांचाल घाट पुल की मरम्मत का काम दोबारा शुरू किया गया है। मार्च माह में एक महीने तक रूट डायवर्जन के बाद भी गुणवत्तापूर्ण काम नहीं हो सका था। 31 मार्च को डायवर्जन की समय सीमा समाप्त होने के चार-पांच दिनों के बाद ही पुल के ज्वाइंट खुलने लगे थे। ज्वाइंट के सरिया निकलने से संभावना बन गई थी। इस पर दोबारा से पुल की मरम्मत करने का काम शुरू किया गया है। पुल पर यातायात को वन-वे कर दिया गया। इसके बावजूद लोग बांधी गई रस्सियों को उठाकर निकलते नजर आए। इटावा-बरेली हाईवे पर दीनदयाल बाग से जमापुर के आगे तक जाम में वाहन फंसे रहे। पूरे दिन जाम में फंसे लोग बेहाल हो गए। बरेली, हरदोई, शाहजहांपुर, बदायूं आदि जिलों की ओर से आने, इटावा, मैनपुरी, कन्नौज आदि जनपदों से जाने वाले वाहन स्वामी अपने वाहनों से बाहर निकलकर जाम खुलने का इंतजार करते दिखे।
वहीं डयूटी पर तैनात होमगार्ड जाम में फंसे वाहनों को छोड़कर किनारे खड़े बातें करने में मशगूल दिखे। यातायात प्रभारी सतेंद्र कुमार ने बताया कि भारी वाहन मंडी से होकर निकल आते हैं। ऐसे वाहनों का चालान किया जा रहा है। शुक्रवार को 50 से ज्यादा वाहनों के चालान किए गए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार ने बताया कि दिन में भारी वाहनों के लिए रोक लगाई गई। अब भारी वाहनों को बघार के पास रोका जाएगा जिससे पांचाल घाट पर यातायात आसानी से सुचारू हो सके।