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सनातन धर्मियों ने की नारेबाजी, पुलिस ने खदेड़ा

Wed, 24 Oct 2018 11:53 PM IST
farrukhabad
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स्तूप की पूजन अर्चना करते भंते व अन्य। - फोटो : अमर उजाला
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संकिसा में चल रहे दो दिवसीय बुद्ध महोत्सव का धम्म यात्रा के साथ बुधवार को समापन हो गया। हालांकि धम्म यात्रा के दौरान बिसारी देवी मंदिर के पास मौजूद सनातन धर्मियों ने नारेबाजी की। इससे पुलिस के हाथपांव फूल गए। बुद्ध स्तूप पर पूजन अर्चन के बाद बौद्धधर्मी वापस लौट गए।
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बुधवार सुबह करीब 7.20 बजे धम्मा लोको बुद्ध विहार से डॉ. कर्मवीर शाक्य ने हरी झंडी दिखाकर धम्म यात्रा प्रारंभ की। धम्म यात्रा को लेकर बुद्ध स्तूप और उसके पास ही स्थित बिसारी देवी मंदिर के पास भारी संख्या में पुलिसबल मौजूद था। धम्म यात्रा के दौरान बिसारी देवी मंदिर के पास मौजूद सनातन धर्मी नारेबाजी करने लगे। यह देख पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया। धम्म यात्रा के दौरान बौद्ध अनुयायी जब तक सूरज चांद रहेगा, बौद्ध धर्म का नाम रहेगा, बौद्ध धर्म की क्या पहचान, मानव-मानव एक समान, बौद्ध धर्म ने क्या किया, भारत देश महान किया, विश्व में भारत की क्या पहचान, गौतम बौद्ध अशोक महान आदि नारे लगाते हुए चल रहे थे।

धम्म यात्रा मुख्यमार्गों से होती हुई स्तूप तक पहुंची। स्तूप के तीन चक्कर लगाए। स्तूप के पास अनुयायियों ने मोमबत्ती व अगरबत्ती लगाकर पूजन-अर्चन किया। भंते डॉ. धम्म पाल ने बौद्ध वंदना की। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध ब्रह्मा व इंद्र देवता के साथ सीधे स्वर्ग से इसी स्तूप पर उतरे थे। भगवान बुद्ध ने तीन माह तक अपनी माता महामाया को उपदेश दिया था। भगवान बुद्ध ने 84 हजार उपदेशों में तिहाई उपदेश संकिसा में दिए। बुद्ध स्तूप के पूजन के बाद बौद्ध अनुयायी धम्मा लोको बुद्ध विहार परिसर लौट गए।
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यहां मैनपुरी, आगरा और फिरोजाबाद से आए कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। नागेंद्र सिंह शाक्य, डॉ. नवल किशोर शाक्य, अशोक मौर्य, रामरतनलाल शाक्य, रामरतन सिंह, सरिता शाक्य, अवनीश शाक्य, प्रधान मिथुन शाक्य, रामऔतार शाक्य, राजन शाक्य, प्रवेश शाक्य, भंते बुद्ध रत्न और नरेंद्र शाक्य आदि रहे।
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