फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ईओ व सीवीओ ने देखीं शहर की गोशालाएं

विज्ञापन
ट्राजिट हास्टाल के गोसदन का निरीक्षण करती ईओ रश्मि भारती। - फोटो : FARRUKHABAD
विज्ञापन
शहर में नगरपालिका की तीन गोशालाएं हैं। लगातार बारिश से चार दिन पूर्व एक ही रात में छह गोवंश मर गए थे। इसी के बाद अधिकारी सक्रिय हुए। सोमवार को सातनपुर व ट्रांजिट हास्टल में ईओ नगरपालिका, जबकि धर्मपुर कटरी स्थित गोशाला का मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने निरीक्षण कर दिशा-निर्देश दिए।
विज्ञापन

सातनपुर स्थित गोशाला में बारिश के दौरान जलभराव व पर्याप्त टिनशेड न होने से भीगकर पांच गायें मर गई थीं जबकि ट्रांजिट हास्टल में उसी रात एक गाय मरी थी। अमर उजाला में समाचार प्रकाशित होने के बाद ईओ सातनपुर स्थित गोशाला पहुंचीं और पंपिंगसेट लगाकर पानी निकलवाया था। सोमवार को फिर ईओ रश्मि भारती ने दोनों गोशालाओं को निरीक्षण किया।
उन्होंने गोशाला में भूसा व दाने का भंडारण देखा। हालांकि भूसा-दाना पर्याप्त मिला। उन्होंने साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने व अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। वहीं धर्मपुर कटरी स्थित गोशाला का मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा.राजकिशोर सिंह ने निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि भूसा-दाना आदि पर्याप्त मिला। सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए।
विज्ञापन

15 दिन बाद भी शुरू न हो सका टीकाकरण
बारिश के अंतिम दौर में पशुओं में मुंहपका व खुरपका बीमारी फैलने का खतरा बढ़ जाता है। इससे 15 सितंबर से 31 अक्टूबर तक टीकाकरण कराने का निर्देश दिया गया है। जिले में तीन लाख 83 हजार पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य है।
हालात ये हैं कि निर्धारित तिथि के 15 दिन बाद भी टीकाकरण शुरू तक नहीं हो सका। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा.राजकिशोर सिंह ने बताया कि गलाघोंटू का टीकाकरण चल रहा है जबकि वैक्सीन न आ पाने से मुंहपका व खुरपका का टीकाकरण शुरू नहीं हो सका। उन्होंने बताया कि एक-दो दिन में लखनऊ मुख्यालय से वैक्सीन आने की उम्मीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें