फर्रुखाबाद। किराना का थोक बाजार है ग्राटगंज। इन दिनों दुकानदारों में सड़क पर सामान रखने की प्रतियोगिता सी हो रही है।
हालात ऐसे हो गए हैं कि दोनों तरफ दुकानदारों ने छह-छह फीट सामान सड़क पर सजा लिया है। जबकि दुकानें अंदर से खाली सी पड़ी रहती हैं। सड़क पर अतिक्रमण का ही नतीजा है कि हर रोज दिन में कई-कई बार लंबा जाम लगता है। इसका खामियाजा सामान खरीदने वालों को ही भुगतना पड़ता है।
शहर के लाल सराय से ग्राटगंज को जाने वाला मार्ग 25-30 फीट चौड़ा है। यहां किराना का थोक का बड़ा कारोबार है। लिहाजा दिन भर हथठेली, ई-रिक्शा, टेंपो व ट्रैक्टर आदि का आना-जाना बना रहता है। यहां दूरदराज कस्बों से फुटकर दुकानदार खरीदारी करने आते हैं। अतिव्यस्त बाजार में इन दिनों दुकानदारों में सड़क पर अतिक्रमण की होड़ है।
जिम्मेदारों की लापरवाही का ही नतीजा है कि नाली, फुटपाथ तो दूर दुकानदारों ने सड़क पर छह-छह फीट दोनों ओर अपना सामान सजा लिया है। हर दुकानदार का एक ही तर्क होता है कि पड़ोसी ने बढ़ा लिया, लिहाजा उनका बाहर सामान रखना मजबूरी है। हालात ऐसे हो गए हैं कि व्यापारियों ने दुकानों को खाली करके सामान सड़क पर लगा लिया है। इससे आए दिन जाम में फंसकर लोग परेशान रहते हैं।
दुकानदार टेंपो, टैक्सी, ई-रिक्शा, हथठेली, ट्रैक्टर-ट्रॉली व मैजिक के अलावा कारों को सड़क पर खड़ा करके सामान भरवाते हैं। उसी समय बड़े वाहन आने से जाम लगना तय है। बुधवार दोपहर ग्राटगंज में वाहन इस कदर फंस गए कि वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब एक घंटे बाद पहुंची पुलिस ने काफी प्रयास के बाद वाहनों को निकलवाया। इस बाजार में रोजाना ही जाम लगता है। इसका खामियाजा दूरदराज से आने वालों को ही भुगतना पड़ता है।
बरसात से पहले शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था। उस वक्त ग्राटगंज, लिंजीगंज में भी सख्ती के साथ प्रशासन ने सभी दुकानदारों से नाली खाली करवा दी थी। करीब दो महीने तक बाजार को जाम से मुक्ति मिल गई थी। मगर इसके बाद दुकानदारों की मनमानी और जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते फिर हालात खराब हो गए।
सड़क पर अतिक्रमण से आम जनता के साथ खुद दुकानदारों का भी नुकसान होता है। शासन से नाली के अंदर ही सामान रखने के आदेश हैं। यदि ग्राटगंज में सड़क पर अतिक्रमण है, तो वह शीघ्र ही अभियान चलवाकर आवागमन को आसान बनाएंगे। -सतीश चंद्र, सिटी मजिस्ट्रेट, फर्रुखाबाद