फर्रुखाबाद। ऊर्जा निगम के शीर्ष प्रबंधन के खिलाफ शुक्रवार को शुरू हुई कर्मचारियों की हड़ताल से पहले दिन ही जिले की बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई। शहर के सभी फीडर बंद होने से लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ा। बिजली न मिलने से सरकारी विभागों का भी काम प्रभावित रहा।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने कार्य बहिष्कार के बाद गुरुवार रात 10 बजे से हड़ताल शुरू कर दी। एसडीओ शरद प्रताप व जेई सतेंद्र सिंह के नेतृत्व में अधिकारी व कर्मचारी डिवीजन कार्यालय परिसर में सुबह से ही डट गए और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रबंधन पर मनमानी और भ्रष्टाचार के आरोप जड़े गए। बिजली कर्मियों के काम न करने से जिले की बिजली संकट गहरा गया।
शहर के अधिकांश फीडर बंद हो गए। इससे सुबह लोगों को दैनिक कार्यों के लिए पेयजल संकट से भी जूझना पड़ा। बाजार में भी बिजली न होने से व्यापार भी प्रभावित हुआ। पानी के लिए लोगों को हैंडपंपों पर लाइन लगानी पड़ी। लगातार बिजली गुल रहने से घरों में इनवर्टर भी जवाब दे गए। हड़ताल में एसडीओ अनमोल प्रताप, विनोद कनौजिया, जेई रंजीत मौर्या, राकेेेश कुमार, मासूम अली के अलावा रमेश कुमार, अमित मिश्रा व आउटसोर्स कर्मचारी भी मौजूद रहे। सभी कैश काउंटर बंद रहने से करीब 50 लाख रुपये का राजस्व भी प्रभावित हुआ।
जनपद में कुल 40 बिजली उपकेंद्र हैं। इसमें शहर के आठ उपकेंद्रों में डिवीजन, न्यू भोलेपुर, कुटरा, फतेहगढ़ शहरी, ठंडी सड़क, जसमई शहरी, लकूला व पंचालघाट उपकेंद्र के सभी फीडर ब्रेक डाउन में बंद रहे। इससे पुलिस लाइन, कलक्ट्रेट, विकास भवन, बीएसए, डीआईओएस सहित सभी सरकार कार्यालयों की बिजली गुल रही। बिजली न मिलने से सरकारी कार्य भी प्रभावित हुए।
बूंदाबांदी होने से एक-एक कर उपकेंद्र हुए बंद
शुक्रवार सुबह तेज हवा के साथ हुई बूंदाबांदी से लाइनों में फाल्ट होने लगे। इससे 33केवी लाइनें ब्रेकडाउन होने से एक-एक कर बिजली उपकेंद्र बंद होते चले गए। बिजली उपकेंद्र संकिसा, सलेमपुर, राजेपुर, अमृतपुर व अमृतपुर तहसील, जरारी, पहला, साहबगंज उपकेंद्र बंद होने से ग्रामीण क्षेत्र में सुबह से ही बिजली संकट गहरा गया। इसके अलावा उपकेंद्र याकूतगंज, गैसिंहपुर, गुतासी, जसमई ग्रामीण, भूड़नगरीया व नौगवा के सभी फीडर बंद होने से उपभोक्ता बिजली को तरसते रहे।
प्रशासन का दावा लगाए 85 कर्मचारी
जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए 85 कर्मचारी लगाए गए हैं। इसमें आईटीआई के 70 व निकायों के 15 बिजली कर्मचारी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 33केवी लाइन में फाल्ट आने पर यह कर्मचारी उपकेंद्र चालू नहीं कर सकेंगे। 11केवी व एलटी लाइन के फाल्ट ठीक कराकर बिजली आपूर्ति चालू कराई जाएगी।