फर्रुखाबाद। शहरियों को 2016 से 24 और ग्रामीण इलाकों को 18 घंटे बिजली मुहैया कराए जाने के सरकार के वादे के तहत जिले को 20 से 22 घंटे बिजली मिलनी शुरू हो गई है। फिर भी विभागीय अधिकारी अपनी मनमानी के चलते लोकल कटौती करा कर शहरवासियों को 17 से 18 घंटे ही बिजली आपूर्ति कर रहे हैं। इस कारण शासन की मंशा के तहत शहरियों को भरपूर बिजली नहीं मिल पा रही है।
शहर वासियों को भरपूर बिजली मुहैया कराए जाने के लिए जिले को 20 से 22.30 घंटे बिजली मिलना शुरू हो गई है। ट्रांसमिशन से उपकेंद्रों को मिलने वाली बिजली आपूर्ति, उपभोक्ताओं को कटौती कर दी जा रही है। विद्युत उपकेंद्र से आपूर्ति के दौरान करीब तीन से चार घंटे लोकल स्तर पर कटौती की जाती है। इसमें आधे से एक घंटे की कटौती फाल्ट आने के कारण होती है।
बकाया दो घंटे की कटौती अफसरों के निर्देशों पर लोकल स्तर पर कर दी जाती है। इस कारण शहरवासियों को 20 से 22 घंटे के बजाय 17 से 18 घंटे बिजली आपूर्ति मिलती है। इसकी हकीकत विभागीय आंकड़े बयान करते हैं। ट्रांसमिशन से उपकेंद्र को मलने वाली बजली और उपकेंद्र से उपभोक्ताओं को दी जानी वाली बिजली के अगर आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो लोकल स्तर पर होने वाली कटौती की पोल खुलकर सामने आती है।