आठ बीघा जमीन के लालच में ससुरालीजनों ने बेवा बहू को मौत के घाट उतार दिया। हत्या को दुघर्टना करार देने के लिए रात में ही ससुरालीजन मृतका का शव रेलवे ट्रैक पर रखने पहुंचे तो मंदिर के पुजारी और चौकीदार ने टोक दिया।
इससे डरकर वे शव छोड़कर भाग निकले। सूचना मिलने पर महिला के मायके वाले मौके पर पहुंचे। पिता ने ससुरालियों के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
शहर के मोहल्ला श्याम नगर निवासी रामगोपाल के पुत्र बाबूलाल के साथ कन्नौज के थाना तिर्वा के खालेपुरवा निवासी गौरी शंकर की पुत्री रमाकांती (22) की शादी 10 दिसंबर 2013 में हुई थी। रमाकांती ने एक पुत्री को जन्म दिया। इसी बीच 16 मई 2015 को संदिग्ध परिस्थितियों में बाबूलाल की फांसी लगने से मौत हो गई। ससुर के तीन मकान होने के कारण रमाकांती अलग मकान में अपनी पुत्री राखी के साथ रहने लगी।
आरोप है कि मंगलवार रात ससुरालीजनों ने बेवा बहू रमाकांती की हत्या कर दी और उसकी डेढ़ साल की पुत्री को शादी कराने वाले मझिया बालकराम के दरवाजे पर छोड़ आए। रमाकांती की मौत को हादसा दिखाने के लिए ससुरालीजन उसके शव को कपड़े में लपेटकर श्याम नगर रेलवे क्रासिंग के पास लेकर आए। इस दौरान ट्रैक से कुछ दूर पर स्थित मंदिर के पुजारी और चौकीदार ने देख लिया और उन्होंने ने आवाज लगाई।
इस पर ससुरालीजन शव को ट्रैक किनारे छोड़कर भाग निकले। पुजारी की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। इसी दौरान बालकराम ने दरवाजे के पास बच्ची के रोने की आवाज सुन बाहर निकले। रमाकांती की बेटी को देख उसके घर जानकारी की तो पता चला कि उसकी मौत हो गई।
बालकराम ने मृतका के पिता गौरीशंकर को रात में सूचना दी। वह कोतवाली पुलिस के साथ मौके पर पहुचे। मृतका के पिता गौरीशंकर ने आरोप लगाया कि ससुरालीजन दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। इतना ही नहीं दामाद की मौत के बाद उसके हिस्से की जलालाबाद और शाहजहांपुर स्थित आठ बीघा जमीन व मकान रमाकांती को मिलता था। रमाकांती के ससुर रामगोपाल ने उसपर दूसरी शादी का आरोप लगाकर जमीन को अपने नाम दर्ज कराने के लिए कोर्ट में मुकदमा किया।
तब इसके विरोध में पुत्री ने आपत्ति कोर्ट में दाखिल की थी। कोर्ट ने पुत्री को मकान देने का आदेश जारी कर दिया था। जमीन पर हक दिलाने का मुकदमा चल रहा था। ससुरालीजन इस जमीन को अपने नाम कराना चाहते थे। रमाकांती ने इनकार कर दिया था। इस वजह से भी उसे रास्ते से हटा दिया।
मृतका के पिता की तहरीर पर पुलिस ने जेठ वीर सिंह, जेठानी संगीता, देवर कन्हैया, ससुर रामगोपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। पुलिस ने ससुर और देवर को हिरासत में ले लिया है।