कंपिल थाना क्षेत्र के गांव बिलसड़ी में जिलाधिकारी के आदेश पर खनन अधिकारी ने छापा मारकर बीजेपी नेता व पूर्व ब्लॉक प्रमुख की करीब 80 ट्राली बालू पकड़ी। बीजेपी नेता ने बालू खरीद की पर्ची दिखाने के लिए तीन घंटे का समय मांगा। इसके बाद भी वह कोई पर्ची नहीं दिखा सके। इस पर अधिकारियों ने बालू सील कर पुलिस की कस्टडी में दे दी है।
बिल्सड़ी निवासी रामतीर्थ ने 19 जून को मुख्यमंत्री के पोर्टल पर अवैध खनन व भंडारण के संबंध में सीएम, जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी व जिला खनन अधिकारी से शिकायत की थी। इसके बाद मंगलवार को कायमगंज तहसील में हुए तहसील दिवस में भी खनन का मुद्दा छाया रहा। इसमें जिलाधिकारी ने सात दिन में खनन बंद कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
गुरुवार को ही जिलाधिकारी मोनिका रानी के आदेश पर जिला खनन अधिकार डॉ. सुशील कुमार के नेतृत्व में तहसीलदार गजेंद्र सिंह, नायब तहसीलदार पवन गुप्ता ने छापा मारा। ग्रामीणों की निशानदेही पर गांव के ही स्कूल के पास बालू के चार बड़े बड़े ढेर लगे मिले। बताया गया कि यह बालू ग्राम प्रधान ममता चतुर्वेदी के पति बीजेपी नेता व पूर्व ब्लाक प्रमुख केके चतुर्वेदी की है।
इसी दौरान केके चतुर्वेदी भी अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि बालू उनकी ही है। उनके पास ही इसके कागज, रसीद आदि भी हैं। इसके बाद कागज दिखाने के लिए तीन घंटे का समय मांगा। लेकिन तीन घंटे बाद भी कागज नहीं दिखा पाए।
इसके बाद खनन अधिकारी ने वहां पड़ी बालू को सील कर पुलिस की कस्टडी में दे दिया। इसके बाद अधिकारियों को ग्रामीणों ने खनन करने का स्थान दिखाया। वहां पर लेखपाल पंकज चौहान ने नापजोख कर बताया कि यहां से लगभग 100 ट्राली बालू का खनन हुआ है। उधर, केके चतुर्वेदी ने बताया कि उन्होंने एक विद्यालय की बाउंड्री के लिए बालू खरीदी है।
सत्ताधारी दल का झंडा लहराते हैं नेताजी
बीजेपी नेता केके चतुर्वेदी को क्षेत्र में दलबदलू के रूप में जाना जाता है। इससे पहले सपा सरकार के समय में वह सपा का झंडा लगा कर रहते थे। उससे पहले वह बसपा सरकार में बसपा के टिकट पर ब्लॉक प्रमुख रहे थे।