फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भूकंप से दहशत, घरों से बाहर भागे

Sat, 25 Apr 2015 10:59 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
अरे यह क्या....। मुझे चक्कर क्यों आ रहे हैं। कार्यालय में बैठे रामसजीवन ने जैसे ही यह बात कही, बहल में बैठे रमेश को भी कुछ ऐसा ही महसूस हुआ। ये दोनों कुछ समय पाते तब तक विजय ने आवाज दी। भागो, भूकंप आ गया। फिर क्या था, किसी को न तो मोबाइल की सुध रही और न ही अपने अन्य किसी सामान की। हर कोई सीढ़ियों की ओर दौड़ पड़ा।
विज्ञापन


अगले ही पल पूरा का पूरा विकास भवन खाली हो गया। कुछ ऐसा ही नजारा अन्य कार्यालयों और निजी आवासों की भी रही। भूकंप की जानकारी मिलते ही कोई घर छोड़ सड़क पर पहुंच गया तो कोई मैदान में। कुछ पल बाद जब लोग घरों में घुसे तो भी उनमें दहशत रही।  स्कूल में जल्दी छुट्टी कर दी गई।

शनिवार सुबह 11.42 बजे शहर से लेकर देहात तक भूकंप के जोरदार झटके लगे। इस दहशत से लोग अभी उबर नहीं पाए थे कि करीब 25 मिनट के बाद दोबारा झटके लगे। इन झटकों की दहशत से लोग घरों से भागने लगे। यह अनहोनी की आशंका में गली व असपास के खुले मैदानों में आ गए। सरकारी कार्यालयों व बैंकों से बाहर निकलने के लिए अफरातफरी
विज्ञापन


मच गई। भूकंप से घबराए लोग सामान्य हो ही रहे थे कि करीब 25 मिनट के बाद दोबारा भूकंप आया। हालांकि यह चंद पलों के लिए ही था लेकिन लोग फिर से जान बचाकर भवनों से बाहर भागे। उधर, भूकंप से मोहल्ला तलैया फजल इमाम में मुकेश कुमार के घर की दीवार गिर गई। इसी मोहल्ले के रामसिंह कुमार के घर की दीवार चटक गई। हाता मझले खां में लालमोहम्मद और इसरार के मकान की दीवारें चटक गईं। फतेहगढ़ बेवर रोेड भोलेपुर रोड निवासी इरशाद के दो मंजिला

मकान की दीवार चटक गई। पवन कोल्ड स्टोर भवन का बीम चटक गया। फतेहगढ़ चौराहा निवासी मुकेश दुबे के भी मकान की दीवार चटकी। हाता मझले खां मोहल्ले में रहने वाले नौशादा का बेटा बिलाल (4) सीढ़ियों पर बैठा था। भूकंप के झटके से वह जीने से गिरकर घायल हो गया। उसका नर्सिंग होम में उपचार कराया गया।

क्या कहते हैं लोग
तलैया मोहल्ला के मुकेश कुमार (36) ने बताया कि अपनी याददाश्त में पहली बार भूकंप के झटके महसूस किए हैं। परचून दुकानदार कैलाश ने बताया कि वह दुकान में बैठे थे। अचानक उनकी दुकान में लगे फर्नीचर का शीशा हिलने लगा।  महावीर इंटर कालेज नगला खैरबंद के प्रधानाचार्य सुरेश पाल शाक्य और शिक्षक राजन शाक्य ने बताया कि वह लोग

कार्यालय में बैठे थे। अचानक कुर्सी में तेज झटका लगा। ऐसा लगा मानो किसी ने धक्का दिया हो। इससे पहले कभी भी फर्रुखाबाद में भूकंप महसूस नहीं किया गया। वृद्ध त्रिलोकीनाथ मिश्र ने बताया कि करीब 52 साल पहले भूकंप आया था। वह झटके इससे ज्यादा थे। रेलवे स्टेेशन फतेहगढ़ रोड निवासी व्यापारी नेता मोहित गुप्ता ने बताया कि भूकंप के झटके लगने से सभी दुकानदार दुकानों से बाहर निकल आए।  


कस्तूरबा विद्यालय की छात्राएं बाहर भागीं
कायमगंज मे सुबह करीब 11.42 बजे भूकंप के झटके लगे तो दमदमा गांव स्थित कस्तूरबा बालिका आवासीय विद्यालय की कक्षाओं में पढ़ रही छात्राएं झटके लगने पर खुले मैदान की ओर भागीं। विद्यालय की वार्डन अनुराधा मिश्रा ने बताया कि वह अपने कार्यालय में बैठी काम कर रही थीं। अचानक कुर्सी हिलने लगी। गिरने से बचने के लिए  उन्होंने मेज को पकड़ लिया।

राजेपुर प्रतिनिधि के अनुसार ब्लाक क्षेत्र के गांवों में घरों में चारपाई हिल गईं और बर्तन अलमारी से गिरे। ओमप्रकाश सिंह, कुंवरपाल सिंह, आशुतोष कुमार, मदनपाल सिंह, रामबहादुर, शिशुपाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, संतोष गुप्ता और शिवराज सिंह आदि ग्रामीणों का कहना था कि पहली बार भूकंप के झटके महसूस किए हैं।

कंपिल प्रतिनिधि के अनुसार झटका लगते ही लोग अपने-अपने घरों और दुकानों से निकलकर सड़क पर आ गए। जसपाल वर्मा, राशिद खां, राजकुमार और आदेश वर्मा आदि का कहना है कि दो बार भूकंप के झटके आए। मशीनरी स्टोर के मालिक राशिद खां ने बताया कि उनकी दुकान में रखे पाइप हिलने लगे।

अमृतपुर प्रतिनिधि के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अमृतपुर, प्राथमिक विद्यालय गूजरपुर गहलवार, ग्रामीण व स्टेट बैंक अमृतपुर, गांव करनपुरदत्त और तहसील अमृतपुर में भूकंप के झटके लोगों को महसूस हुए। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अमृतपुर डा. गौरव वर्मा ने बताया कि वह मरीजों को देख रहे थे तो अचानक जमीन हिली। इस पर पूरा अस्पताल खाली करा दिया। प्राथमिक विद्यालय हरसिंगपुर गहलवार के प्रधानाध्यापक शिवेंद्र सिंह ने बताया कि जमीन हिलते ही बच्चों को स्कूल से बाहर निकाला।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें